सीएए के खिलाफ़ पूर्व भाजपा नेता 3000 किलोमीटर की निकालेंगे रैली

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। जहाँ हर तरफ़ बीजेपी के नेता,मंत्री सीएए के विरोध को अपने स्तर पर खारिज़ करते नज़र आ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ़ भाजपा के एक नेता सीएए के विरोध में रैली निकालने का ऐलान किया है।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने शुक्रवार को मुंबई में कहा कि 2003 में नागरिकता अधिनियम में संशोधन के लिए वाजपेयी सरकार पर कभी सवाल नहीं उठाए गए, लेकिन मौजूदा सरकार की नीयत पर संदेह के चलते आज देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। सिन्हा ने उस दलील को खारिज किया कि नागरिकता कानून में संशोधन भाजपा के चुनावी वादों में शामिल था। उन्होंने पूछा कि क्या घोषणापत्र संविधान से ”बढ़कर” है।

यशवंत सिन्हा ने सेंट जेवियर कॉलेज में एक कार्यक्रम से इतर पीटीआई-भाषा से कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) संविधान के खिलाफ है क्योंकि यह धर्म के आधार पर भेदभाव करता है।

भाजपा के पूर्व नेता सिन्हा ने कहा, ”वे (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह) पहले कही गई अपनी बातों के विपरीत बात कर रहे हैं।”

सिन्हा ने कहा, ”आपको याद है कि 2003 में कोई प्रदर्शन हुई थी। मुझे तो याद नहीं। कोई हो हल्ला नहीं हुआ था। हमने भारतीय नागरिकों के लिए एक राष्ट्रीय पंजी तैयार करने की बात कही थी, हालांकि इस बारे में कुछ स्पष्ट नहीं किया गया था क्योंकि नियम तैयार नहीं किए गए थे।”

यशवंत सिन्हा ने शनिवार को घोषणा की कि उनका राजनीतिक कार्य समूह ‘राष्ट्र मंच’ नागरिकता संशोधित कानून वापस लेने की मांग करते हुए मुंबई से दिल्ली तक ‘भारत जोड़ो यात्रा 2020’ के नाम से रैली निकलेगा।

यशवंत सिन्हा ने इस यात्रा के बारे में बताते हुए कहा कि मैं सभी से अनुरोध कर रहा हूँ कि भारत सरकार द्वारा की गयी ज़्यादती और अंसवैधानिक क़दमों के ख़िलाफ़ विरोध करें। यह यात्रा छह राज्यों से होकर गुज़रेगी। ये वो छह राज्य महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, हरयाणा और दिल्ली से गुज़रते हुए लगभग 3000 किलोमीटर की यात्रा तय करेगी।

बताया जा रहा है कि इस यात्रा में राजनीतिक दल, सामाजिक कार्यकर्ता, पेशेवर व्यक्ति, संगठन और बुद्धिजीवी आदि इस यात्रा में शामिल होंगे।

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