कांग्रेस में शामिल पूर्व जज ने लंदन की अदालत में दिया नीरव के पक्ष में बयान, अब उठ रहे सवाल

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

हीरा कोराबारी नीरव मोदी की सुनवाई लंदन की एक अदालत में चल रही है। इसको लेकर सियासत तेज होती जा रही है। मामले ने कांग्रेस में शामिल बंबई और इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व जज अभय थिप्से की नीरव के पक्ष में गवाही देने से तूल पकड़ा है। 

दरअसल, अभय थिप्से ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए गवाही में लंदन की अदालत को बताया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो के नीरव पर लगाए गए आरोप भारतीय कानूनों के तहत नहीं टिक पाएंगे।

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधा

इस मामले पर भाजपा नेता व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है, नीरव मोदी से संबंधित मामले कांग्रेस के शासन के हैं। ये अधिकांश सब यूपीए-1 और यूपीए-2 में हुआ था। राहुल गांधी ने 13 सितंबर 2013 को नीरव मोदी के एक कार्यक्रम में भी शिरकत की थी। 

रविशंकर प्रसाद ने कहा है, ये मुंबई हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज हैं। इन्हें प्रशासनिक कार्यों के लिए रिटायमेंट के 10 महीने पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर किया गया था।  रोचक बात है कि इन्होंने 13 जून 2018 को कांग्रेस की सदस्यता ली थी।

इससे पहले भाजपा नेता व प्रवक्ता संबित पात्रा ने इसी को लेकर राहुल गांधी को घेरा। उन्होंने ट्वीट कर राहुल पर सवाल दागे। उन्होंने कहा, यहां भारत में राहुल गांधी नीरव मोदी को लेकर सरकार से सवाल पूछते हैं दूसरी तरफ राहुल के खास व कांग्रेस के अभय थिप्से (पूर्व जज) नीरव मोदी के पक्ष में गवाह बनते हैं। आखिर क्या है जो राहुल नहीं चाहते कि नीरव भारत आए। उस रात पार्टी में राहुल और नीरव में क्या लेन-देन हुआ था? 

खबरों के मुताबिक, अपनी गवाही में चेस ग्रैंडमास्टर प्रवीण थिप्से के भाई अभय थिप्से ने कहा कि जबतक आपके साथ धोखा न हुआ हो तबतक भारतीय कानून के तहत धोखाधड़ी का केस नहीं बन सकता है। अगर एलओयू करने में धोखाधड़ी नहीं हुई हो तो इसमें धोखे का तो कोई सवाल ही नहीं उठता है।  

कौन हैं न्यायमूर्ति थिप्से

न्यायमूर्ति थिप्से (64) शतरंज के भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रवीण महादेव थिप्से के भाई हैं। वह विभिन्न मामलों में अपने उल्लेखनीय फैसलों के लिए चर्चित हैं। थिप्से 1987 में महाराष्ट्र न्यायिक सेवा में शामिल हुए थे और इसके बाद 2007 में वह जलगांव में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश बने।

मार्च 2011 में वह मुंबई हाई कोर्ट के जज बने और इसके बाद मई 2016 में उनका स्थानांतरण इलाहाबाद हाई कोर्ट में हुआ, जहां से वह 2017 में सेवानिवृत्त हुए।

अपने अदालती करियर में कई वर्षों तक न्यायमूर्ति थिप्से ने कई अदालतों और विशेष अदालतों में अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान मई 2015 में बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को 2002 में हिट ऐंड रन केस में जमानत देने और उनकी पांच साल कारावास की सजा को निरस्त करने सहित कई बहुचर्चित मामले उन्होंने निपटाए थे।

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