गलवान में हुए चीनी हमले पर भारतीय जवानों के साहस की पूरी कहानी

नई दिल्ली/लद्दाख

हमसे पांच गुना ज्यादा थे चीनी, यानी चीन के पांच-पांच सैनिकों से हमारे एक-एक जवान ने न सिर्फ आठ घंटे तक बहादुरी से युद्ध लड़ा बल्कि 43 दुश्मन मार भी गिराए

पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में पेट्रोलिंग पॉइंट नंबर- 14 पर जब चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों ने भारतीय सेना के जवानों पर हमला किया, उस वक्त पीएलए सैनिकों की तादाद भारतीय सैनिकों के मुकाबले पांच गुना थी। यानी भारतीय सैनिक पीएलए सैनिकों के मुकाबले चार गुना कम थे, बावजूद इसके हमारे वीर जवानों ने चीन के दोगुने सैनिक मार गिराए। करीब 8 घंटे तक गलवान नदी के पास चली झड़प के बारे में यह खुलासा भारतीय सेना के एक अधिकारी ने किया है।

दोनों पक्षों के बीच सोमवार रात हुई झड़प के बारे में सरकारी सूत्रों ने बुधवार को कहा कि चीनी सैनिकों ने भारतीय जवानों पर बुरी तरह से हमला किया। भारतीय सैनिकों के मुकाबले उनकी संख्या ज्यादा थी। वे रॉड, लाठी-डंडे से लैस थे। भारतीय सैनिक निहत्थे थे, फिर भी उन्होंने पीएलए से लड़ने का फैसला किया। भारतीय सैनिकों की संख्या चीनी सैनिकों की अपेक्षा 1:5 थी। चीन ने भारतीय सैनिकों की संख्या का पता लगाने के लिए थर्मल इमेजिंग ड्रोन का भी इस्तेमाल किया था।

निगरानी चौकी बनाना चाहता था दुश्मन

गलवान घाटी के एक संकरे पहाड़ी रास्ते पर यानी भारतीय इलाके में चीनी सेना निगरानी चौकी स्थापित करने के फिराक में थी। हालांकि, मिलिट्री कमांडर लेवल की मीटिंग में दोनों पक्षों के पीछे हटने पर सहमति बनी थी। कर्नल संतोष बाबू यही देखने गए थे कि चीन के सैनिक वादे के मुताबिक पीछे हटे हैं कि नहीं। मगर संतोष बाबू वहां पहुंचे तो वे चीनी शिविर देखकर चकित रह गए, तभी पीएलए के सैनिक उग्र हो उठे। उन्होंने बेरहमी से हमला कर दिया। भारतीय सैनिक वहां घिर गए।

पहाड़ों की ओट से बोला हमला

चीनी सैनिकों ने पहाड़ों की ओट से निहत्थे भारतीय सैनिकों पर हमले किए। ऊंचाई पर पॉइंट-14 पर मौजूद चीनी सैनिकों ने बड़े-बड़े पत्थर भारतीय सैनिकों की तरफ फेंके। अचानक हुए हमले से भारतीय जवान हैरान रह गए, लेकिन फिर संभलते हुए डंटकर उनका मुकाबला किया। गुत्थमगुत्था हुए कुछ जवान पहाड़ की ओट तक जा पहुंचे, जिससे वे नीचे गिर गए। उनके साथ चीनी जवान भी नीचे गिरे।

ये चीन की सुनियोजित साजिश: भारत

गलवान हिंसक टकराव को लेकर बुधवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच फोन पर बातचीत हुई। जयशंकर ने कहा कि इसके लिए चीन दोषी है क्योंकि उसने सुनियोजित साजिश के तहत हमला बोला।

मोदी की चेतावनी… कोई भ्रम में न रहे, उकसाया तो हम छोड़ेंगे नहीं

भारत के जवान देश पर शहीद हुए हैं। उनके शौर्य पर गर्व है। जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। स्थिति कुछ भी हो, देश शहीद जवानों के परिवारों के साथ है। इतिहास इस बात का गवाह है कि हम कभी किसी को उकसाते नहीं हैं, लेकिन अगर कोई हमें उकसाएगा, तो वह भ्रम में न रहे, भारत उचित जवाब देने में सक्षम है। भारत अपने स्वाभिमान और एक-एक इंच जमीन की रक्षा करेगा।
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री

अब इन 4 मोर्चों पर जवाब देने की तैयारी

गलवान घाटी में तनाव को लेकर बुधवार को भारत और चीन के बीच हुई मेजर जनरल स्तर की वार्ता बिनी किसी नतीजे के खत्म हो गई। जमीनी स्तर पर अभी कोई बदलाव नहीं हुआ है। चीन के धोखे का जवाब देने के लिए भारत अब बड़ी तैयारी कर रहा है। सैन्य स्तर और आर्थिक मोर्चे से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन को जवाब देने की तैयारी है…

राजनीतिक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के मुद्दे पर 19 जून को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि पीएम कुछ बड़ा सोच रहे हैं।
अपने सैनिकों के गंवाने के बाद सरकार हर कदम उठाने को विचार कर रही है। बैठक में विपक्षी दलों को भरोसे में लेने की रणनीति।

आर्थिक
सरकार ने 4जी के लिए इस्तेमाल होने वाले चीनी उपकरणों पर रोक लगाई। बीएसएनएल और एमटीएनएल को चीनी उपकरणों पर निर्भरता कम करने का आदेश दिया। चीन कंपनी हुवेई को भारत के 5जी मार्केट में प्रवेश की अनुमति की उम्मीद खत्म।

तीनों सेनाओं ने संभाला मोर्चा,कमांडरों को फ्री हैंड

सेना, वायुसेना और नौसेना को उच्चतम स्तर पर अलर्ट। 3500 किमी लंबी एलएसी पर सभी जगह फॉरवर्ड पोस्ट के कंपनी कमांडरों को खुली छूट दे दी गई है। लद्दाख में सीमा से सटे गांव खाली करवाने की तैयारी। नौसेना ने युद्धपोत चीन से सटे इलाकों में किए तैनात। वायुसेना ने फाइटर जेट की तैनाती बढ़ा दी है।वेस्टर्न कमांड चीन से लगते लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड की सीमा की निगरानी करेगा। ईस्टर्न कमांड उत्तर और पूर्वोत्तर सीमा, जिसमें सिक्किम और अरुणाचल शामिल हैं, की निगरानी का जिम्मा संभालेगा।

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