गहलोत सरकार ने मीडिया के सामने विक्ट्री साइन दिखाते हुए सौ से अधिक विधायकों की परेड करवाई

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

राजस्थान के सियासी जंग में अब अशोक गहलोत की सरकार ने अपनी सीट बचाने तथा बीजेपी को अपनी पार्टी की ताकत दिखाने के लिए सोमवार को एक प्रेस मीटिंग करवाई जहां गहलोत का पक्ष मजबूत दिखता नज़र आया।

दरअसल राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार पर मंडरा रहा संकट अब हटता हुआ दिख रहा है। सोमवार दोपहर को अशोक गहलोत ने सौ से अधिक विधायकों की परेड मीडिया के सामने करवाई और विक्ट्री साइन दिखाया।

गहलोत विधायकों की परेड कराने में सफल रहे

कहा जा रहा है अशोक गहलोत डेप्युटी सीएम सचिन पायलट की बगावत से अपनी कुर्सी बचा ले गए। जयपुर में मुख्यमंत्री आवास पर भारी सस्पेंस के बीच हुई बैठक में गहलोत बहुत से ज्यादा विधायकों की परेड कराने में सफल रहे।

 

अशोक गहलोत ने सौ से अधिक विधायकों की परेड मीडिया के सामने करवाई और विक्ट्री साइन दिखाया। इससे साफ है कि अशोक गहलोत ने संदेश दिया है कि उनके पास बहुमत है और सचिन पायलट के सभी दावे गलत साबित होते दिख रहे हैं।

दर्जन विधायकों समेत 107 विधायक मौजूद रहे

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया को अपने आवास में बुलाया है, जहां पर विधायकों की संख्या का शक्ति प्रदर्शन किया जा रहा था। मानेसर और उसके आसपास के होटलों में ठहरे इन विधायकों का कहना है कि वह सभी हर स्थिति में पायलट के साथ हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक में गहलोत खेमे में माने जा रहे एक दर्जन विधायकों समेत 107 विधायक मौजूद रहे। हालांकि, बैठक में पालयट समेत कम से कम 19 विधायक नदारद रहे जो बताता है कि संकट अभी खत्म नहीं हुआ है।

पायलट का दावा 30 से अधिक विधायकों का समर्थन है

सूबे में सरकार गिराने-बचाने का खेल शुरू हो गया है। सचिन पायलट कांग्रेस आलाकमान के सामने अपनी बात रखने के लिए दिल्ली पहुंचे लेकिन गांधी परिवार से मिल नहीं पाए।

वहीं सचिन पायलट ने दावा किया कि उन्हें 30 से अधिक विधायकों का समर्थन प्राप्त है और गहलोत सरकार अल्पमत में है। सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि सचिन पायलट भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा के संपर्क में हैं और आज दोनों की मुलाकात हो सकती है।

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