शासन-प्रशासन बताए कि इंदौर में एसिड बिना लाइसेंस कैसे बिक रहा सरेआम- हाई कोर्ट

नगर संवाददाता | इंदौर

मप्र हाई कोर्ट इंदौर ने शासन और जिला प्रशासन के आला अफसरों को शोकाज नोटिस जारी कर यह जवाब मांगा है कि इंदौर में दुकानों पर बिना अनुमति के एसिड क्यों बिक रहा है।

गुरुवार को न्यायमूर्ति सतीशचंद्र शर्मा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बैंच ने जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए सचिव स्वास्थ्य विभाग और कलेक्टर, शहर के सभी सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में जवाब देने के आदेश दिए। याचिकाकर्ता एडवोकेट शन्नो शगुफ्ता खान ने इस बात को लेकर याचिका दायर की है कि शहर में सरेआम एसिड की बिक्री होने से एसिड अटेक की घटनाएं हो रही है। सुनवाई में एडवोकेट शन्नो खान ने कहा कि एसिड आसानी से बिकने का पता लगाने के लिए उन्होंने 50 दुकानों का सर्वे कराया जहां सभी दुकानों पर एसिड आसानी से मिल गया।

खान ने तर्क दिया कि सुप्रीम कोर्ट की एक निर्णय के संदर्भ में दी गई गाइडलाइन के अनुसार एसिड बेचने का लाइसेंस मिलने पर ही एसिड बेचा जा सकता है किंतु उपरोक्त सभी दुकानों पर बिना लाइसेंस के एसिड बेचा जा रहा था। यही नहीं, दुकानदार ने खरीदार से यह तक नहीं पूछा कि उसे एसिड क्यों चाहिए जबकि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के मुताबिक दुकानदार को यह पूछना जरूरी है कि उसे इसकी जरूरत क्यों है। साथ ही खरीदार का आईडी कार्ड देख कर रजिस्टर में दर्ज किया जाना चाहिए।

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