इस पिता की बात सुन आपका कलेजा कांपने लगेगा

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। पिताओं पर एक टिप्पणी अक्सर सुनने को मिलती है कि वो ज़्यादा भावुक नहीं होते। उन्हें रोना नहीं आता लेकिन जब आप इस पिता की बात सुनेंगे वो भी आँखों के कोनों से आंसू पोंछते हुए तो एक पल को आप भी भावुक हो उठेंगे।

पश्चिमी दिल्ली के पीरागढ़ी स्थित बैट्री फैक्ट्री में गुरुवार को आग पर काबू पाते वक्त दिल्ली पुलिस के एएसआई अमित बालियान की जान चली गई। वे फायर ब्रिगेड में तैनात थे।

फैक्ट्री में विस्फोट के बाद 14 दमकलकर्मी फंस गए थे

ओकाया बैट्री की फैक्ट्री में गुुरुवार तड़के भीषण आग लग गई थी। करीब 9.15 बजे इमारत में एक तेज विस्फोट हुआ और उसके साथ ही उसका एक हिस्सा गिरा था। उस समय फायरकर्मी अंदर निरिक्षण कर रहे थे। मलबे से चिल्लाने की आवाजें आने पर तुरंत एनडीआरएफ और दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे और काफी सावधानी से मलबे को एक तरफ कर उसमें दबे लोगों को बाहर निकाला।

हादसे में 14 दमकलकर्मी घायल हो गए थे। एनडीआरएफ की टीम ने दोपहर करीब 2.30 बजे अमित को बाहर निकाला गया और उन्हें पास के बालाजी एक्शन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ समय बाद उनकी मौत हो गई।

पिता की बाते सुन आँखे नम हो जाएंगी

बाबूराम भावुक होते हुए बताते हैं, ” मुझे इस घटना के बारे में जब पता चला तो ये लगा कि थोड़ी बहुत चोट लगी होगी। इसी कारण मैंने घरवालों को नहीं बताया। जब मैं घटनास्थल यानी पीरागढ़ी पहुंचा तो पता चला मेरे बेटे के साथ- साथ उसके लगभग 30 और साथी मलबे में दबे हैं। जब उन लोगों को एक एक कर बाहर निकाला जा रहा था तो जैसे लगा कि ये भी तो मेरा ही बच्चा है।”

पिता बाबूराम को बेटे की मौत का दुख तो जरूर है, लेकिन देश के लिए जान कुर्बान करने वाले बेटे पर फख्र भी है। हालांकि शाम को जब अमित की मां और पत्नी को उनकी मौत की सूचना दी गई तो घर में कोहराम मच गया। मां विमलेश देवी रोते-रोते बेहोश हो गई। अमित की पिछले साल फरवरी में ही शादी हुई थी।

इस पूरी घटना की जांच के निर्देश

दिल्ली सरकार ने अमित के परिजनों को एक करोड़ रुपए की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है। दमकल अधिकारियों का कहना है कि फैक्ट्री ने फायर एनओसी नहीं ले रखी थी, मामले में दिल्ली पुलिस जांच कर रही है। शुरुआती जांच में शॉर्ट-सर्किट की आशंका जताई जा रही है। दिल्ली के गृहमंत्री सत्येंद्र जैन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए हैं।

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