डेरों में अब तक नहीं पहुंची सहायता, भीख मांगने निकल रहे गरीब

पन्नालाल गेहलोत | मनावर

नगर की एक कॉलोनी में करीब 30 वर्षीय एक महिला करीब एक साल के बच्चे को गोदी में लेकर डिब्बे में शनि प्रतिमा लेकर तेल व खाद्य पदार्थ मांगती नजर आई। महिला को कोरोना महामारी के बारे में जानकारी थी। उसने अपना मुंह तो साड़ी के पल्ले से ढांक रखा था। जबकि बच्चा खुली अवस्था में था। पूछने पर बताया कि धार की रहने वाली है। भीख मांगने के लिए यहां गोपालपुरा रोड स्थित 40 टापरे में रहती है। घर में खाने को कुछ भी नहीं है। मजबूरी में भीख मांगने निकलना पड़ा। बच्चा साथ देखकर लोग कुछ दे देते हैं।

दरअसल, नगर के गोपालपुरा रोड पर 100 से ऊपर लोग चार-पांच डेरों में रहते हैं। नाथ संप्रदाय के यह लोग कोई छोटे-मोटे काम करके और कटलरी आदि बेचकर और भीख मांगकर अपना गुजारा करते हैं। इनके साथ छोटे बच्चे भी बड़ी संख्या में हैं। इनके डेरों में कुछ ही तंबू हैं जो चारों ओर से ढंके हैं। अधिकांश तम्बू खुले हैं। इन डेरों के आसपास भारी गंदगी पसरी हुई है। लॉकडाउन के चलते यह खाने को मोहताज हो रहे हैं और भीख मांगने पर मजबूर होना पड़ रहा है। कुछ लोग महाराष्ट्र के शिरपुर क्षेत्र के तो कुछ धार क्षेत्र के हैं। ज्यादा खतरे वाली बात यह है कि ये रिहायशी इलाकों में खुले में रह रहे हैं। ऐसे में कोरोना महामारी को देखते हुए इन्हें कोरोना के प्रति जागरूक करने, साबुन आदि उपलब्ध कराने, सावधानियां बरतने और इनके रहने व खाने की व्यवस्था की दरकार है। डेरे में रहने वाली शायरीबाई, तुलसीबाई, सुमनबाई आदि ने बताया कि किसी डेरे पर एक-दो दिन के चावल, थुली हैं तो अधिकांश को भीख मांगना पड़ रही है। बच्चों को भीख आसानी से मिल जाती है। इसलिए उन्हें पहुंचा रहे हैं। अभी तक हमारे पास किसी भी सहायता के लिए कोई नहीं आया। भूखे रहने की नौबत आ गई। कटलरी बेचने वाली एक महिला ने बताया कि महाराष्ट्र से यहां के ग्रामीण क्षेत्रों में कटलरी बेचने आए थे, धंधा बंद हो गया, घर में भी अन्न खत्म होने को है।

मैं व्यवस्था करवाती हूं

आपके माध्यम से जानकारी मिली है। मैं तुरंत ही वहां खाद्य पैकेट पहुंचाने व अन्य इंतजाम आदि के लिए निर्देशित कर रही हूं।
दिव्या पटेल, एसडीएम

डेरों पर 200 पैकेट भेजे जा रहे हैं

इस संबंध में एसडीएम दिव्या पटेल व सीएमओ सुरेखा जाटव को अवगत कराया है। वहां रहने वाले बच्चों सहित करीब 200 लोगों के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं।
विश्वदीप मिश्रा, स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर

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