हाई कोर्ट ने कहा इंदौर हाई रिस्क झोन में, अब वीडियो कांफ्रेंसिंग से भी नहीं होगी सुनवाई

नगर संवाददाता | इंदौर

लॉक डाउन के कारण गत सप्ताह ही शुरू की थी अर्जेंट प्रकरणों की वीसी से सुनवाई, मप्र हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के निर्देश

कोरोना संकट काल में लॉक डाउन के कारण 3 मई तक कोर्ट बन्द रहने के कारण हाई कोर्ट इंदौर में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की जा रही थी। इंदौर में कोरोना की हालत खराब होने से मप्र हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के आदेश पर सुनवाई पर रोक लगा दी गई है। हाई कोर्ट ने कहा-इंदौर में एक हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित और 171 हॉट स्पॉट होने से शहर हाई रिस्क जोन में है। ऐसी स्थिति में हाई कोर्ट इंदौर में सुनवाई नहीं की जा सकती। इंदौर में एक हाई कोर्ट कर्मचारी का कोरोना संक्रमित होना और कुछ कर्मियों को क्वारंटाइन करना भी इसका कारण है। इंदौर सहित प्रदेश की सभी अदालतों में लॉक डाउन के कारण गत 23 मार्च से अवकाश है। पहले अवकाश 14 अप्रैल तक का था, जो अब 3 मई तक कर दिया गया है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने अर्जेंट प्रकरणों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए करने की बात कही थी। इस पर मप्र हाई कोर्ट ने गत सप्ताह से वीसी से सुनवाई शुरू की थी जिस पर गत 21 अप्रैल व 23 अप्रैल को इंदौर में जजों ने अपने घरों से वीसी के जरिए सुनवाई की थी।

इंदौर संवेदनशील और 171 हॉट स्पॉट

मप्र हाई कोर्ट जबलपुर के रजिस्ट्रार जनरल राजेंद्रकुमार वाणी ने 27 अप्रैल को जारी आदेश में कहा कि इंदौर रेड जोन में होकर यहां एक हजार से अधिक कोरोना संक्रमित मरीज और 171 हॉट स्पॉट है। ऐसी स्थिति में सिर्फ इंदौर में वीसी से सुनवाई 3 मई तक स्थगित की जाती है।

वीसी से सुनवाई में भी लगती है ड्यूटी

जानकारों का कहना है जज चाहे अपने निवास से सुनवाई और वकील अपने निवास से बहस करते हैं किन्तु हाई कोर्ट में 20 से 25 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाना होती है। चूँकि इंदौर में संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है और एक हाई कोर्ट का कर्मचारी भी संक्रमित हो गया है। इसलिए ऐसी स्थिति में यहां सुनवाई और हाई कोर्ट में जर्मचारियों की ड्यूटी लगाना खतरे को बुलावा देना है।

जबलपुर-ग्वालियर में वकीलों की हड़ताल

गौरतलब है हाई कोर्ट की प्रिंसिपल बेंच जबलपुर ने जबलपुर और ग्वालियर बेंच में 20 अप्रैल से हाई कोर्ट शुरू करने का निदेश दिया था, किन्तु वहां वकीलों ने हड़ताल घोषित कर 3 मई तक न्यायिक कार्य नहीं करने का निर्णय पहले ही ले लिया था। इंदौर में कोरोना संक्रमित अधिक होने से सिर्फ इंदौर बेंच में ही 3 मई तक छुट्टी घोषित की है।

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