हिन्दू महासभा ने कहा गांधी की फ़ोटो दफ्तरों से हटाओ आतंकवाद की असली वजह गांधीवाद

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। भारत में कुछ नहीं होता है तो गांधी-नेहरू पर बयानबाज़ी होती है। इसी तरह अखिल भारत हिंदू महासभा ने गुरुवार को एक बार फिर मेरठ में एक विवादित बयान दिया है। हिंदू महासभा ने गांधी को आतंकवाद से जोड़ा है।

हिंदू महासभा ने गांधीवाद को देश में बढ़ते आतंकवाद की वजह बताते हुए सरकारी दफ्तरों में लगी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीरों और प्रतिमाओं को तुरंत हटाए जाने की मांग की है। महासभा ने संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी का समर्थन करते हुए भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने का भी अनुरोध किया है।

शहर के शारदा रोड स्थित संगठन के कार्यालय पर संवाददाताओं से बातचीत में अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक शर्मा और प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक अग्रवाल ने कहा, ‘‘देश में असली आतंकवाद की वजह गांधीवाद है, क्योंकि देश में आज जो भी राष्ट्र विरोधी गतिविधियां हो रही हैं, उनसे जुड़े लोग गांधीवादी होने का दावा करते हैं।”

महासभा के दोनों नेताओं ने कहा, ‘‘देश में होने वाली राष्ट्रविरोधी गतिविधियों जैसे भीड़ के साथ मिलकर आम लोगों की हत्या करना, पुलिस सहित सभी सुरक्षा एजेंसियों पर हमला करना और भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की बात करना ऐसे सभी राष्ट्रद्रोही कार्य करने वाले केवल और केवल करमचंद गांधी को ही अपना आदर्श मानते हैं।”

शर्मा और अग्रवाल ने आगे कहा कि शाहीन बाग जैसे अलोकतांत्रिक धरने में शामिल लोग गांधी को आदर्श मानते हैं। इसका सबूत है कि ये सभी गांधी के पोस्टर लगाकर आंदोलन करते हैं। 1947 में भी देश का बंटवारा गांधी की वजह से हुआ था और मौजूदा वक्त में भी देश को खंडित करने का सपना देखने वालों के आदर्श गांधी हैं।

इसलिए अखिल भारत हिंदू महासभा खुले पत्र के जरिए राष्ट्रपति से मांग करती है कि देश के सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों से गांधी के सभी चित्र और प्रतिमाएं तुरंत हटाने का आदेश दें।

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