मैंने उनसे चांद-तारे तो नहीं मांगे थे…

मुंबई

भाजपा गठबंधन पर उद्धव

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर से भाजपा पर निशाना साधा है। पिछले साल भाजपा के साथ मुख्यमंत्री पद के लिए हुए झगड़े का जिक्र करते हुए ठाकरे ने कहा कि क्या उन्होंने भाजपा से चांद-तारे मांगे थे। ये बातें मुख्यमंत्री ने सामना को दिए इंटरव्यू में कहीं।

ठाकरे से इस इंटरव्यू में जब पूछा गया कि आखिर उन्होंने 25 साल पुराने साथी भाजपा को क्यों छोड़ दिया। इस पर उनका कहना था कि मुझे पता नहीं। लेकिन मुझे सिर्फ ये कहना है कि उन्होंने वचन निभाया होता तो क्या हो जाता। ऐसा मैंने क्या बड़ा मांगा था? आसमान के चांद-तारे मांगे थे क्या? लोकसभा चुनाव से पहले जो हमारे बीच तय हुआ था उतना ही मांगा था।

इस खास इंटरव्यू में ठाकरे से हिंदुत्व पर भी सवाल किया गया। पूछा गया कि क्या कांग्रेस और एनसीपी से हाथ मिलाने के बाद पार्टी ने हिंदुत्व का मुद्दा पीछे छोड़ दिया है। इस पर उन्होंने कहा कि हम हिंदुत्व पर कायम हैं और रहेंगे। उसमें कोई जोड़-तोड़ नहीं है।

साल 1947 के उपचुनाव शायद पहले चुनाव होंगे जो शिवसेना ने हिंदुत्व के मुद्दे पर सिर्फ लड़ा ही नहीं बल्कि जीता भी होगा। बाद में भाजपा साथ आ गई। यदि वचन तोड़ा जाता होगा तो मैं हिंदुत्व स्वीकार करने को तैयार नहीं।

सीएम बनना झटका या सपना?

मुख्यमंत्री का पद लेने पर ठाकरे न कहा कि उन्होंने अपने पिता को दिए वचन को निभाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद को स्वीकारना न ही मेरे लिए झटका था और न ही मेरा सपना था। पिता को दिए गए वचन को पूरा करना ही है और मैं वो करूंगा ही।

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