आईएएस विजय कुमार ने डॉक्टर होकर भी छिपाई बीमारी

प्रजातंत्र ब्यूरो | भोपाल

प्रदेश के स्वास्थ्य संचालक जे. विजय कुमार कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्हें भोपाल के बड़े प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विजय कुमार और उनकी पत्नी दोनों ही एमबीबीएस डॉक्टर हैं। इसके बावजूद कोरोना के लक्षण आने के बाद भी विजय कुमार लगातार मंत्रालय की बैठकों में शामिल होते रहे। इन बैठकों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस भी उपस्थित रहे। इस मामले के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। आईएएस बिरादरी के साथ ही स्वास्थ्य संचालनालय के कर्मचारियों में दहशत फैल गई है।

उधर, विजय कुमार का कहना है कि उनकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। वह पिछले 2 महीने से भोपाल में ही हैं। हालांकि उनका यह भी कहना है कि दवा कंपनियों के प्रतिनिधि लगातार उनसे मिलते रहते हैं, इसलिए आशंका है कि इसी वजह से वह संक्रमित हो गए। बहरहाल, मामले के खुलासे के बाद स्वास्थ्य संचालनालय के कर्मचारियों को शुक्रवार का अवकाश दे दिया गया। विजय कुमार के साथ बैठकों में मौजूद रहे प्रदेश के आधा दर्जन बड़े आईएएस अफसरों ने भी खुद को अपने घरों में आइसोलेट कर लिया है।

कंट्रोल रूम में भी जाते रहे

विजय कुमार के पास स्वास्थ्य संचालक के अलावा आयुष्मान भारत निरामय सोसाइटी के सीईओ और हेल्थ कॉर्पोरेशन के एमडी का भी जिम्मा है। इसके अलावा सतपुड़ा भवन में ही स्वास्थ्य विभाग का प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम भी बना है। वे कंट्रोल रूम में भी आ-जा रहे थे, लोगों से मिल रहे थे और सीएम शिवराज सिंह के साथ मंत्रालय की हर बैठक में भी मौजूद थे। विजय कुमार तीन दिन से आइसोलेशन में हैं, लेकिन इसकी जानकारी उन्होंने अपने साथियों को नहीं दी थी।

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