अमेरिका ने 52 ठिकाने चुने तो ईरान बोला-300 जगहों पर गिराएंगे बम

वाशिंगटन/तेहरान

ईरान के सैन्य जनरल के मारे जाने के बाद मध्य पूर्व में मंडराने लगे युद्ध के बादल

ईरान के सबसे ताकतवर सैन्य जनरल कासिम सुलेमानी के मारे जाने के बाद पूरे मध्य पूर्व में युद्ध के बादल मंडराने लगे हैं। अमेरिका और ईरान, दोनों ने एक दूसरे को धमकी दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर ईरान ने किसी अमेरिकी ठिकाने या किसी अमेरिकी पर हमला करने की कोशिश की तो हम उसके 52 ठिकानों को एक झटके में तबाह कर देंगे। वहीं, ईरान में सैन्य सलाहकार मेजर जनरल हुसैन देहगान ने इसके जवाब में अमेरिका के 300 ठिकानों को निशाने बनाए जाने की चेतावनी दी है।

देहगान ने ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार हैं और देश में नंबर दो की हैसियत रखते हैं। सीएनएन को दिए इंटरव्यू में देहगान ने ट्रंप को गैंगस्टर और गैम्बलर कहते हुए धमकी दी कि अमेरिका ने और हिमाकत दिखाई तो न तो उसका कोई सैन्य स्टाफ, न राजनीतिक केंद्र और न ही कोई सैन्य ठिकाना बचेगा। इस बीच, ब्रिटेन ने होर्मुज की खाड़ी में शाही नौसेना के दो जंगी पोतों को रवाना कर दिया है। ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वॉलेस ने कहा, “अपने जहाजों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए एचएमएस मॉन्ट्रोस और एचएमएस डिफेंडर को भेजा गया है। शाही नौसेना की परमाणु हथियारों और टॉमहॉक मिसाइलों से लैस पनडुब्बी खाड़ी में पहले से ही तैनात है, जिसमें किसी इमारत को ध्वस्त करने की क्षमता है।”

इससे पूर्व ट्रंप ने कई ट्वीट किए। और कहा, “हम किसी भी तरह के हमले का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने (ईरान ने) हम पर हमला किया और हमने जवाबी हमला किया। यदि वे फिर हमला करते हैं, तो हम उन पर अब तक का सबसे जोरदार हमला करेंगे। मैं उन्हें कोई हमला नहीं करने की सलाह देता हूं। अगर हुआ तो हम ऐसा जवाब देंगे, जैसा उन्होंने पहले नहीं देखा होगा।’

फ्रांस-ब्रिटेन और रूस ने कहा- संयम बरतें

कई देशों ने अमेरिका और ईरान से संयम बरतने का आग्रह किया है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अलग अलग तौर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तुर्की के राष्ट्रपति रिसेप तैय्यप एर्डोऑन के साथ फोन पर मध्य-पूर्व क्षेत्र की स्थिति पर बात की। तीनों नेताओं ने मध्य-पूर्व क्षेत्र की स्थिति पर चिंता जताई और विभिन्न पक्षों से संयम से काम लेने की अपील की। ब्रिटेन के विदेश दूत डोमिनिक राब ने विभिन्न पक्षों से अपील की कि सोलेमानी की मौत के बाद मुठभेड़ की स्थिति को शिथिल बनाएं।

तो यूएस ने इसलिए चुने 52 ठिकाने

सवाल यह है कि अमेरिका ने 52 ठिकानों को ही हमले के लिए क्यों चुना है? ट्रंप ने अपने ट्वीट में इसकी वजह बताई है। कहा, ’52 अंक उन लोगों की संख्या को दर्शाता है, जिन्हें एक साल से अधिक समय तक तेहरान में अमेरिकी दूतावास में 1979 में बंधक बनाकर रखा गया था।’ ट्रंप ने यह भी कहा कि इनमें से कुछ स्थान ईरानी संस्कृति के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।

ईरान ने मस्जिद पर फहराया लाल झंडा

ईरान ने अघोषित रूप से अमेरिका के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया है। ईरान ने जामकरन मस्जिद के ऊपर लाल झंडा फहराकर युद्ध के लिए चेतावनी दी है। इस तरह के हालात में झंडा फहराना का मतलब होता है कि युद्ध के लिए तैयार रहें या युद्ध शुरू हो चुका है। ऐसा पहली बार नहीं है कि ईरान ने इस तरह से मस्जिद पर लाल झंडा फहराया है। कोम स्थित जानकरन मस्जिद के गुंबद पर आमतौर पर धार्मिक झंडे फहराए जाते हैं। ऐसे में धार्मिक झंडे को हटाकर लाल झंडा फहराने का मतलब युद्ध के एलान माना जा रहा है।

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