ज़रूरत पड़ी तो सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान करने वालों को गोली भी मारेंगे – बंगाल भाजपा अध्यक्ष

विभव देव शुक्ला

देश की राजनीति के वजूद की तस्वीर तैयार करनी हो तो उस तस्वीर में सबसे पहले सामने आने वाला चेहरा हैं राजनेता। लेकिन नेताओं में भी ऐसी तमाम खासियत होती हैं जिनके चलते उनकी राजनीति में छवि बनती है। छवि के पीछे एक और बड़ा कारण है नेताओं के बयान, जिनके चलते सरकारों की सूरत तय होती है। भले बयानों पर आम जनता गौर करे या न करे लेकिन एक विवादित बयान पर पूरे दल के हिस्से की किरकिरी हो जाती है।

ज़रुरत पड़ी तो गोली भी मारेंगे
फिलहाल बयान दिया है पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने। बयान ऐसा है जिसकी फिलहाल पूरे राज्य में चर्चा है, दिलीप घोष ने कहा दीदी (ममता बनर्जी) की पुलिस ने उन लोगों पर कोई कार्यवाई नहीं की जिन्होंने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है। क्योंकि ऐसे लोग दीदी के मतदाता है, ऐसे ही लोग दीदी की सरकार चुनते हैं। जितने राज्यों में हमारी सरकारें हैं असम, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक वहाँ हम ऐसे लोगों को कुत्ते की तरह गोली मार देते हैं।
उपद्रवी यहाँ आते हैं, यहाँ का खाते हैं, यहीं रहते हैं और यहीं ज़िन्दगी गुज़ारते हैं लेकिन यहीं की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान करते हैं। क्या ऐसे लोगों की ज़मींदारी यही है? हम ऐसे लोगों को लाठियों से मारेंगे, जेल में बंद कर देंगे और ज़रुरत पड़ी तो गोली भी मारेंगे। ऐसे लोग समाज के लिए किसी भी कीमत पर अच्छे नहीं हैं और इनका इलाज केवल यही है। ऐसे लोगों पर जल्द से जल्द लगाम लगनी भी चाहिए।

जलाया गया भाजपा कार्यालय
दिलीप घोष की तरफ से इस तरह का बयान आने के दौरान भाजपा का कार्यालय भी जलाया गया है। पश्चिम बंगाल का एक शहर है आसनसोल, जहां कुछ उपद्रवियों ने भारतीय जनता पार्टी का एक कार्यालय जला दिया है। भाजपा के नेताओं का कहना है कि इस घटना के पीछे तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हुए लोगों का हाथ है। भाजपा के तमाम शीर्ष नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस के लोगों पर इस तरह के आरोप पहले भी लगाए हैं। फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक गलियारों में शोर काफी बड़े पैमाने पर मचा हुआ है।

नेताओं की ओर से बयानबाजी
भाजपा नेता गोपाल रॉय का कहना है कि इसके लिए सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस के लोग ज़िम्मेदार हैं। उस इलाके में भाजपा का प्रभाव बढ़ते देखना उन्हें स्वीकार्य नहीं है इसलिए वह ऐसा कर रहे हैं। इस आरोप के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। दल के नेता हरेराम तिवारी ने सबसे पहले इन आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा यह घटना भाजपा के आंतरिक विवादों का नतीजा है, इसके लिए खुद उनके कार्यकर्ता ज़िम्मेदार हैं।

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