शनिदेव का आर्शीवाद पाना चाहतें हैं तो आज के दिन जरूर करें ये सरल उपाय

आज का दिन शनिवार (Saturday) है और आप तो जानते ही हैं कि शनिवार (Saturday) का दिन शनिदेव (Shani Dev) को समर्पित होता है। शास्त्रों के मुताबिक, शनिदेव (Shani Dev) को न्याय का देवता कहा गया है। नियमानुसार पूजा और व्रत करने वालों पर शनिदेव की कृपया हमेशा बनी रहती है। वहीं अगर शनिदेव नाराज हो जाते हैं तो मनुष्य पर कई तरह के संकट आते हैं। आज हम आपको इस आर्टिकल में शनिदेव को प्रसन्न करने के कुछ अचूक उपाय बताने जा रहे हैं जरा गौर करें। आप इन अचूक उपायों से शनिदेव को प्रसन्न कर सकते हैं और अगर वो खुश हो गए तो आपके सारे संकटों का अंत कर देंगे

शनिवार के उपाय  

शनिवार (Saturday) का दिन शनि देव (Shani Dev) के साथ ही हनुमानजी (hanuman ji) के नाम पर भी रहता हैं। शनिवार (Saturday) के दिन आप दोनों भगवान के नाम का एकासना करें। शनिवार शाम को आप एकासना तोड़ने से पहले एक रोटी लें और उसे अपने सामने रखकर अपनी इच्छा और मनोकामना करें। जब आप यह करें तब रोटी साफ बर्तन में आपके सामने रखें। अपनी मनोकामना कहने के बाद उस रोटी को किसी भी काले कुत्ते या काली गाय को खिला दें। यह टोटका करने से आपके सारे बिगड़े काम सवरने लग जाएंगे और अटका हुआ धन आने लगेगा।

शनिवार (Saturday) के दिन भगवान शनि (Shani Dev) देव को तेल चढ़ाना चाहिए और हनुमानजी (hanuman ji) के समक्ष तेल का दीपक करना चाहिए। शनिवार (Saturday) के दिन यह दोनों काम करने के बाद आप एक उपाय यह करें कि आप काली चीजों का दान करें। जैसे कि उड़द की दाल, काला कपड़ा, काले तिल और काले चने किसी भी गरीब व्यक्ति को दान में दें। यह टोटका करने से आप पर शनि देव व हनुमानजी (hanuman ji) की कृपा बनी रहेगी।

अगर आप शनिदेव (Shani Dev) के मंदिर जाने में सक्षम नहीं हैं तो आप यह दान किसी कुष्ठ रोगी को भी कर सकते हैं। ऐसी मान्यता है कि शनिदेव (Shani Dev) कुष्ठ रोगियों की सहायता करने से बहुत प्रसन्न होते हैं। इसलिए अगर संभव हो तो कुष्ठ रोगियों को भी शनिवार के दिन कोई वस्तु दान जरूर करें।अब शनिदेव के जयकारों के साथ शनिदेव की आरती करें।

आरती करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आप शनिदेव (Shani Dev) की प्रतिमा के ठीक सामने खड़े न हो। संभव हो तो थोड़ा तिरछा हो कर खड़े होते हुए आरती करें।

आरती करने के बाद स्वयं भी आरती लें। अब शनिदेव को दंडवत प्रणाम करें।

इसके बाद शनिदेव(Shani Dev) से प्रार्थना करें कि वह शनि साढ़ेसाती, शनि ढैय्या और शनि ग्रह के दुष्प्रभावों से आपकी मुक्ति करवाएं।

नोट- उपरोक्त दी गई जानकारी व सूचना सामान्य उद्देश्य के लिए दी गई है। हम इसकी सत्यता की जांच का दावा नही करतें हैं यह जानकारी विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, धर्मग्रंथों, पंचाग आदि से ली गई है । इस उपयोग करने वाले की स्वयं की जिम्मेंदारी होगी ।

admin