सीनेट में शेख की हार से बौखलाए इमरान ने विपक्ष को दी खुली चेतावनी

इस्‍लामाबाद । पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को सीनेट चुनाव में वित्त मंत्री की हार के बाद संसद में विश्वास मत हासिल करने का फैसला किया है। उन्‍होंने कहा कि मैंने विश्वास मत लेने का फैसला किया है। यह कोई मसला नहीं है कि मैं विपक्ष में बैठूं या संसद से बाहर रहूं। मैं आप (विपक्षी नेताओं) को तब तक नहीं छोड़ूंगा जब तक आप इस मुल्‍क का पाई-पाई वापस नहीं लौटा देते।
पाकिस्तान में सरकार शनिवार को संसद में विश्वास मत प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव पेश करेगी। बुधवार को सीनेट के चुनाव में वित्त मंत्री अब्दुल हफीज शेख की हार के बाद दबाव में आई सरकार इस कदम से खुद को बहुमत में साबित करेगी।

प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस आशय की घोषणा गुरुवार को की। उन्होंने कहा कि विश्वास मत के दौरान खुले में मत दिए जाएंगे। उनकी पार्टी और सहयोगी दलों के जो सांसद सरकार के खिलाफ मतदान करना चाहें, कर सकते हैं। इस बीच विपक्ष ने प्रधानमंत्री से अविलंब इस्तीफे की मांग की है।

इमरान ने विपक्ष पर सीनेट चुनाव में अव्यवस्था पैदा करने का आरोप लगाया। कहा, चुनाव आयोग की जिम्मेदारी बनती है कि वह विपक्ष की भूमिका पर से पर्दा हटाए। जब चुनाव को पारदर्शी तरीके से कराने की आयोग की जिम्मेदारी थी, तब गोपनीय मतदान की व्यवस्था क्यों बनाई गई ?

इमरान ने कहा, विपक्ष ने सारा ड्रामा हफीज शेख को हराने के लिए रचा, जिससे सरकार को घेरा जा सके। विपक्ष की साजिश का पर्दाफाश करने के लिए ही सरकार विश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। विदित हो कि बुधवार को हुए सीनेट के चुनाव में इमरान के खास हफीज शेख संयुक्त विपक्ष के प्रत्याशी पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से हार गए थे। इसे सरकार के बहुमत खो देने के संकेत के रूप में पेश किया गया था।

इसी के बाद सत्तारूढ़ तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी ने एकमत से फैसला किया कि प्रधानमंत्री नेशनल असेंबली में विश्वास मत पाने के लिए प्रस्ताव पेश करेंगे, नतीजा कुछ भी हो। विश्वास मत को लेकर चल रही चर्चा के बीच सीनेट के चेयरमैन पद के लिए इमरान ने पीटीआइ की ओर से सादिक संजरानी के नाम की उम्मीदवारी घोषित की है। चुनाव 12 मार्च को होगा।

मालूम हो कि इमरान खान के करीबी सहयोगी और वित्त मंत्री अब्दुल हफीज शेख बुधवार को हुए सीनेट चुनाव में पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से हार गए थे। इसके बाद विपक्ष ने सरकार से विश्वास मत हासिल करने की मांग की। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान ने अपने कैबिनेट सहयोगी की जीत के लिए व्यक्तिगत रूप से प्रयास किया था। वहीं पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के वरिष्ठ नेता यूसुफ रजा गिलानी विपक्षी गठबंधन पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) के सर्वसम्मत उम्मीदवार थे।

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