अप्रैल में देश के 2.7 करोड़ युवाओं ने खोई अपनी नौकरी

नई दिल्ली

देश में जारी लॉकडाउन के बीच एक चौंकाने वाली रिपोर्ट आई है कि देश में 2.70 करोड़ युवा जिनकी उम्र 20 से 30 साल के बीच हैं, वे अप्रैल महीने में बेरोजगार हो गए हैं। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) ने अपनी रिपोर्ट यह खुलासा किया है। बड़े शहरों में लॉकडाउन के कारण कई कंपनियों के दफ्तर बंद हो गए हैं या फिर वहां वर्क फ्रॉम होम का नियम अपनाया जा रहा है। लॉकडाउन के कारण कारखाने बंद हैं, दफ्तरों का काम घर से हो रहा है और व्यवसायिक केंद्र भी बंद हैं। इतनी कम उम्र में नौकरी जाना ना केवल युवाओं के लिए चिंता की बात है बल्कि नई नौकरी तलाशना भी चुनौती भरा काम है।

25 मार्च से लागू लॉकडाउन के कारण कई सेक्टर प्रभावित हुए हैं, इनमें दुकानें, फैक्ट्रियां, बाजार, रेस्तरां, होटल और पर्यटन शामिल हैं। देश की बजट एयरलाइंस में नौकरी पाने के बाद ट्रेनिंग पूरा कर घर पर बैठे एक 21 साल के युवक ने बताया कि कंपनी ने हमें नौकरी से तो नहीं निकाला है, लेकिन लीव विदआउट पे (बगैर वेतन छुट्टी) पर भेज दिया है। युवक के कई साथी कर्मचारी भी इस तरह से घर पर बैठे हैं। उनके मुताबिक कंपनी ने कहा है कि हालात सामान्य होने के बाद ही उन्हें नौकरी पर आने के बारे में सूचित किया जाएगा। सिंपली एचआर सॉल्यूशंस के मैनेजिंग पार्टनर रजनीश सिंह के मुताबिक, “अन्य सेक्टरों के मुकाबले ऐसे सेक्टर पर ज्यादा प्रभाव पड़ा है जो युवाओं को नौकरी पर रखते हैं. जैसे कि पर्यटन, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी, एविएशन इत्यादि।”

इन व्यवसायों को पूरी तरह से बहाल होने में लंबा वक्त लगेगा। इस अनिश्चितता के बीच नौकरियां भी अनिश्चित हैं। इस स्थिति में सरकार और कॉरपोरेट की भूमिका अहम हो गई है। रजनीश सिंह कहते हैं, “हम उम्मीद कर सकते हैं कि इन सेक्टरों में भी एहतियात के साथ दोबारा काम शुरू हो ताकि जो श्रमशक्ति अभी खाली बैठी है उसका इस्तेमाल हो सके। इसी के साथ हमें इस बात के लिए भी तैयार रहना होगा कि कंपनियां सौ फीसदी लोगों को काम पर नहीं लगाने जा रही हैं।

मार्च में बेरोजगारी दर 8.74%, अप्रैल में 24%

सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में मासिक बेरोजगारी दर 24% दर्ज की गई जबकि यह मार्च में 8.74% थी। 3 मई को समाप्त हुए सप्ताह में बेरोजगारी दर 27% थी। आंकड़े बताते हैं कि देश में फिलहाल 11 करोड़ से अधिक लोग बेरोजगार हैं। सीएमआईई के उपभोक्ता पिरामिड घरेलू सर्वे के डाटा के मुताबिक नौकरियां गंवाने वाले लोगों में 20 से 24 साल की उम्र के युवाओं की संख्या 11% है। सीएमआईई के मुताबिक 2019-20 में देश में कुल 3.42 करोड़ युवा काम कर रहे थे जो अप्रैल में 2.9 करोड़ रह गए।

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