इरफान के साथ इंस्टा लाइव में शमी ने खुद से जुड़े 2015 की ऐतिहासिक मैच के किस्से बताये

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। कोविड-19 के कारण सब अपनी घरों में बंद हैं और सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव इसमें कुछ लोग अपनी क्रिएटिविटी दिखा रहे हैं तो कोई अपने पुराने शौक पर काम कर रहे हैं। लोग लाइव आ कर कविता पाठ से लेकर राय मशवरा भी कर रहे हैं।

इसी क्रम में अभी हाल ही में इरफान पठान के साथ इंस्टाग्राम लाइव में मोहम्मद शमी ने अपनी कुछ यादें और कुछ किस्से शेयर किए हैं। शमी 2015 के उस ऐतिहासिक मैच के बारे में बताया है कि लोगों के दिल में क्या चल रहा था और फील्ड किस दर्द से गुज़र रहा था।

न्यूज़ीलैंड में खेले गए क्रिकेट विश्वकप 2015 का जब भी ज़िक्र आता है तो सेमीफाइनल की वो हार याद आती हैं जिसने कई दिल तोड़े थे। इंडियन टीम को ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। शमी ने इसी मैच के किस्से इस लाइव में बताया है।

शमी घुटने की चोट के बावजूद 2015 के विश्व कप में दर्द निवारक दवा लेकर खेले थे। शमी ने बताया कि विश्व कप के दौरान मेरे घुटने में चोट थी। मैं मैचों के बाद चल भी नहीं पाता था। मैंने पूरा टूर्नामेंट चोट के साथ ही खेला। मैं ऐसा फिजियोथेरेपिस्ट नितिन पटेल के भरोसे पर कर पाए।

खास तौर पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुए सेमीफाइनल मुकाबले में वह नहीं खेलना चाहते थे।

शमी ने कहा, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले, मैंने टीम से कहा कि मैं और दर्द बर्दाश्त नहीं कर सकता। माही भाई और टीम प्रबंधन ने मुझमें पूरा भरोसा जताया। उन्होंने मेरी क्षमताओं पर यकीन रखा और कहा कि बड़े मैच में नए गेंदबाज के साथ नहीं उतार सकते।

वहीं इरफान ने इस वीडियो में जो बातें कही हैं, वो आपको सोचने पर मजबूर कर देंगी कि क्या धर्म के नाम पर इस मुश्किल समय में लड़ाई सही बात है।

वीडियो शेयर करते हुए कहा है, “जब से दुनिया बनी है तब से धर्म के नाम पर धंधा हो रहा है, पर अफसोस की बात यह है कि अब तो समझदार भी अंधा हो रहा है। कुछ ही लोगों ने बनाया था धर्म को धंधा, अब तो यह धंधा भी गंदा हो रहा है, लड़ोगे तुम और फायदा उठाएगा कोई और, सुधर जाओ इंसानों अब तो वक्त भी तुम्हारे पास कम हो रहा है।”

इरफान पठान और उनके भाई यूसुफ पठान ने कोविड-19 महामारी का सामना करने के लिए मानवीय आधार पर 4000 मास्क दान किये हैं। इरफान ने इसके साथ ही एक वीडियो संदेश में कहा कि उन्होंने और उनके भाई ने महमूद खान पठान चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर मास्क खरीदे। इस ट्रस्ट का संचालन उनके पिता करते है। उन्होंने बताया कि इन मास्क को वडोदरा स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है जो इन्हें जरूरतमंदों को बांटेगा।



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