इस व्यक्ति ने इस तरह पुलवामा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि

विभव देव शुक्ला

पुलवामा आतंकी हमले के बारे में सभी अच्छे से जानते हैं और जो फौजी उसमें शहीद हुए उनसे जुड़े लोग उसका दर्द भी बखूबी समझते हैं। आज पुलवामा में हुए आतंकी हमलों को एक साल पूरे हो गए, पूरा देश शहीद सैनिकों को याद कर रहा है और श्रद्धांजलि दे रहा है। इस आतंकी हमले पर जितना कुछ भी कहा जाए कम है, जितनी आलोचना की जाए वह भी कम है। हमले में शहीद जवानों के लिए लिथपोरा स्थित सीआरपीएफ शिविर में एक स्मारक भी बनाया गया है।

61 हज़ार किलोमीटर की यात्रा
स्मारक के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, कार्यक्रम में बुलाए गए एक नाम की चर्चा हर जगह हो रही है उमेश गोपीनाथ जाधव। उनकी मौजूदगी की वजह बेहद उल्लेखनीय और विशेष थी। बीते वर्ष उन्होंने एक बात ठानी कि वह शहीद हुए हर जवान के घर जाएंगे और उनके घरों से मिट्टी इकट्ठा करेंगे। उनके इस कदम की कहानी भी बेहद दिलचस्प है।
हमला होने के दौरान उमेश अपना कॉन्सर्ट पूरा करके बैंगलोर की तरफ लौट रहे थे। जयपुर हवाई अड्डे पर उन्होंने पुलवामा में हुए आतंकी हमलों की ख़बर देखी, तभी उन्होंने फैसला किया कि वह शहीदों के लिए कुछ करेंगे। फैसला करने के बाद उन्होंने अपनी यात्रा शुरू की और उनकी पूरी यात्रा थी 61 हज़ार किलोमीटर की।

परिवारों के साथ सहेजी यादें
इतनी लंबी यात्रा के दौरान वह शहीद होने वाले हर जवान के परिवार वालों से मिले। कुछ दिनों पहले ही उनकी यह यात्रा खत्म हुई थी। एक समाचार समूह ने बात करते हुए उमेश ने कहा पिछला पूरा साल शहीदों के घर में मिट्टी इकट्ठा करते हुए बीता। उनका कहना था कि यह काम कठिन था लेकिन वह फैसला कर चुके थे और इस दौरान उन्हें तमाम तरह के अनुभव भी मिले।
वह शहीदों के परिवार वालों के साथ रोए, साथ में खाना खाया, समय बिताया, यादें सहेजीं और खुश हुए। उस आतंकी हमले में किसी ने बेटा खोया तो किसी ने पति। सबसे अच्छी बात यह रही कि उन्हें इन सभी लोगों का आशीर्वाद मिला। उमेश पेशे से फार्माकोलजिस्ट हैं और मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। संगीत को उन्होंने बतौर करियर चुना और देश भर में कॉन्सर्ट करते हैं, इसके लिए ज़्यादातर समय घूमते ही रहते हैं।

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