चीन अड़ा तो भारत ने भी कहा- नहीं रोकेंगे सीमा पर सड़कों का निर्माण

बीजिंग/नई दिल्ली

लद्दाख के पास चीन ने तैनात किए लड़ाकू विमान, जिनपिंग ने सैन्य क्षमता मजबूत करने के दिए आदेश

भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। भारत से लगने वाली सीमा पर सैन्य झड़पों के बाद चीन ने न केवल अपने सैनिकों को बड़ी संख्या में सीमा के पास तैनात कर दिया है बल्कि लद्दाख के पास लड़ाकू विमान जे-11 और जे 16एस को भी तैनात कर दिया है। चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग ने देश के सशस्‍त्र बलों को सैनिकों की ट्रेनिंग मजबूत करने का आदेश दिया है। उन्‍होंने कोरोनो वायरस महामारी के चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ रहे सीधे प्रभाव से निपटने को तैयार रहने को कहा है।

मीडिया रिपोर्टों में यह दावा किया गया है। लद्दाख स्थित वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की ओर से सीमा विवाद को लेकर चल रहे गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हाई लेवल मीटिंग की। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सीडीएस और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ मीटिंग हुई। भारत ने दो अहम फैसले लिए है। पहला- एलएसी में सड़क निर्माण जारी रहेगा।

दूसरा- भारतीय सैनिकों की तैनाती उतनी ही रहेगी जितनी चीन की है। बता दें कि पूर्वी लद्दाख में स्थिति तब बिगड़ गई जब 5 मई की शाम को करीब 250 चीनी और भारतीय सैनिकों में हिंसक झड़प हुई और यह अगले दिन भी जारी रही जब तक कि स्थानीय कमांडर स्तर की बैठक में दोनों पक्षों के पीछे हटने पर सहमति नहीं बन गई। हिंसा में 100 से ज्यादा भारतीय और चीनी सैनिक घायल हुए थे।

कितने खतरनाक हैं ये फाइटर जेट? : चीन का शेययांग जे 11 रूस की सुखोई एसयू 27 का चीनी वर्जन है। यह फाइटर प्लेन एयर सुपीरियर होने के साथ दूर तक हमला करने में सक्षम है। इसमें दो इंजन लगे होते हैं जिससे जेट को ज्यादा पॉवर मिलती है। यह जेट 33000 किलोग्राम तक के वजन के साथ उड़ान भर सकता है। यह विमान एक बार में 1500 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकता है।

डोकलाम के बाद सबसे बड़ा टकराव!

पांच मई से अब तक दोनों देशों के सैनिकों के बीच 6 बार बातचीत हो चुकी है, लेकिन ये विफल रहीं. अगर भारत और चीन की सेनाएं लद्दाख में आमने-सामने हुईं तो 2017 के डोकलाम विवाद के बाद ये सबसे बड़ा विवाद होगा। भारतीय विदेश मंत्रालय ने चीन के उस आरोप को खारिज कर दिया है कि भारतीय सैनिकों द्वारा चीन की तरफ अतिक्रमण करने की वजह से तनाव बढ़ा।

सैटेलाइट तस्वीरों से ड्रैगन की हरकत का खुलासा

सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है कि चीन ने नगारी गुंसा एयरबेस पर अपने लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। इन तस्वीरों को ओपन सोर्स इंटेलिजेंस एनॉलिस्ट डेट्रेस्फा ने जारी किया है। इतना ही नहीं, हाल के दिनों में यहां कई ट्रांसपोर्ट विमानों की लैंडिंग भी हुई है। माना जा रहा है कि भारत से लगी सीमा पर अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए चीन आवश्यक सैन्य साजोसामान को पहुंचा रहा है।

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