सेमीफाइनल खेले बिना ही भारत पहली बार विश्व कप के फाइनल में

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। सिडनी में बारिश थमी नहीं और भारत को अपने ग्रुप में टॉप पर होने का फायदा मिल गया। भारतीय महिला टीम पहली बार टी-20 विश्व कप के फाइनल में पहुंच गई है। पहला सेमीफाइनल बिना कोई गेंद फेंके ही रद्द हो गया।

मैच की शुरुआत से ही बारिश आ गई थी जो लगातार जारी रही और मैच होने की स्थिति न बनते देख मैच रद्द कर दिया गया। फाइनल में भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका या ऑस्ट्रेलिया से होगा, जिनके बीच दूसरा सेमीफाइनल मैच इसी मैदान पर खेला जाना है। इस मैच पर भी बारिश का साया है।

साल 2018 में भी भारतीय टीम इस टूर्नामेंट के अंतिम चार में पहुंची थी, लेकिन उसे इंग्लैंड के हाथों हार झेलनी पड़ी थी। आईसीसी के नियमों के मुताबिक मैच में निर्णय के लिए 10-10 ओवर के मैच का होना अनिवार्य था। लेकिन बारिश के रुकने के आसार नहीं दिखने पर आईसीसी ने सेमीफाइनल मुकाबले को रद्द कर दिया। साथ ही टीम इंडिया के फाइनल में पहुंचने की घोषणा भी कर दी।

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के उस अनुरोध को ठुकरा दिया था, जिसमें उसने महिला टी-20 विश्व कप में सेमीफाइनल के लिए रिजर्व डे रखने का अनुरोध किया था। आईसीसी महिला टी-20 विश्व कप में गुरुवार को दो सेमीफाइनल मुकाबले खेले थे। पहले सेमीफाइनल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम का सामना इंग्लैंड से होना था, जबकि दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया का सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा।

गुरुवार को दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान भी बारिश की आशंका जताई गई है और अगर बारिश के कारण दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला भी रद्द होता है तो फिर इंग्लैंड के साथ-साथ ऑस्ट्रेलियाई टीम भी बाहर हो जाएगी। ऐसे में अपने-अपने ग्रुप में टॉप पर रहने वाली भारत और दक्षिण अफ्रीका का फाइनल में मुकाबला होगा।

टीम इंडिया 8 अंकों के साथ ग्रुप ए में टॉप पर था, जबकि साउथ अफ्रीका 7 अंकों के साथ ग्रुप बी में पहले स्थान पर है। भारतीय टीम का सेमीफाइनल तक का सफर शानदार रहा और उसने ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, न्यूजीलैंड और श्रीलंका को मात दी। वह इस टूर्नमेंट की एकमात्र टीम है जिसने ग्रुप स्तर पर अपना कोई मैच नहीं गंवाया।

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