भारत को रूस से मिलेगी 10 करोड़ ‘स्पूतनिक-वी’ कोरोना वैक्सीन

नई दिल्ली

डॉ. रेड्डीज लेबोरेटरीज-आरडीआईएफ में करार, दिसंबर अंत तक भारत आ सकती है वैक्सीन

भारत के लिए कोरोना वैक्सीन को लेकर एक अच्छी खबर है। रूस 10 करोड़ ‘स्पूतनिक-वी’ वैक्सीन भारत को देगा। इसके लिए रूस के प्रत्यक्ष निवेश कोष (आरडीआईएफ) और डॉक्टर रेड्डीज लेबोरेटरीज के बीच एक समझौता हुआ है। यह समझौता कोरोना वैक्सीन ‘स्पूतनिक-वी’ के क्लिनिकल ट्रायल और उसके वितरण को लेकर हुआ है। दोनों मिलकर भारत में 10 करोड़ वैक्सीन उपलब्ध कराएंगे। इसे रूस के गामेलया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने तैयार किया है।

आरडीआईएफ के सीईओ किरिल दिमित्रीदेव ने बताया है कि ‘स्पूतनिक-वी’ वैक्सीन एडिनोवायरल वेक्टर प्लेटफॉर्म पर आधारित है और अगर इसका ट्रायल सफल होता है तो यह दिसंबर अंत तक भारत में उपलब्ध होगी। रूस में इतनी बड़ी संख्या में वैक्सीन के उत्पादन की क्षमता बहुत कम है। इसका मतलब है कि भारत में इस वैक्सीन का उत्पादन होगा और इसमें से 10 करोड़ वैक्सीन भारत को मिलेगी। करार में कहा गया है कि भारत में नियामक संबंधी अनुमति मिलने के बाद ये वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएंगी। फिलहाल इस वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है और इसके 2020 के अंत तक ट्रायल पूरा होने पर सप्लाई की उम्मीद है।

आरडीआईएफ ने कहा है कि डॉ. रेड्डीज का रूस में पिछले 25 वर्षों से एक सम्मानीय स्थान है और वह भारत में एक प्रमुख फार्मास्यूटिकल कंपनी है। भारत कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है। यह दवा कोविड-19 से निपटने में सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से मान्य होगी। डॉक्टर रेड्डीज लेबोरेटरीज के प्रबंध निदेशक सी प्रसाद ने कहा कि वैक्सीन के फेज-वन और फेज-टू के नतीजे आशान्वित साबित हुए हैं।

चीनी वैक्सीन के तीसरे फेज का ट्रायल सफल

चीन को अपने टीके के तीसरे फेज के ट्रायल में अच्छे नतीजे मिले हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने बुधवार को यह जानकारी दी। चीन के वैक्सीन के ट्रायल में शामिल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने भी ट्रायल में वैक्सीन के असरकारी होने की बात कही है। चीन की इस वैक्सीन को वहां की फार्मा कंपनी साइनोफॉर्मा तैयार कर रही है। फिलहाल चीन में चार वैक्सीन तैयार करने का काम अलग-अलग स्टेज में है।

 

 

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