मार्च 2020 तक कोलकाता में चलेगी भारत की पहली अंडरवॉटर मेट्रो

नई दिल्ली

अब तक आपने मेट्रो को जमीन के ऊपर (एलिवेटेड) और अंडरग्राउंड चलते देखा है, लेकिन बहुत जल्द भारत में अंडरवॉटर मेट्रो भी दौड़ेगी। कोलकाता मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (केएमआरसी) बहुत जल्द हुगली नदी के भीतर मेट्रो चलाने जा रही है। ईस्ट-वेस्ट प्रोजेक्ट पर काम बहुत तेजी से जारी है और उम्मीद की जा रही है कि मार्च 2020 तक यह काम पूरा हो जाएगा, जिसके बाद सफर करने वाले अंडरवॉटर मेट्रो सवारी का रोमांचक अनुभव उठा पाएंगे। केएमआरसी के मैनेजिंग डायरेक्टर मानस सरकार ने कहा कि हमें इंडियन रेलवे बोर्ड से 20 करोड़ रुपए की फाइनल इंस्टॉलमेंट का इंतजार है। इस प्रॉजेक्ट में 48.5 फीसदी फंडिंग जापान इंटरनैशनल को-ऑपरेशन एजेंसी (जेआईसीए) की तरफ से की गई है।

रोजाना 9 लाख यात्री करेंगे यात्रा

केएमआरसी को उम्मीद है कि नई मेट्रो से रोजाना 9 लाख सवारी यात्रा करेगी। यह कोलकाता शहर की कुल आबादी का 20 फीसदी के करीब है। हुगली के नीचे वॉटर टनल करीब 520 मीटर लंबी है और इसे पार करने में एक मिनट से भी कम समय लगेगा। केएमआरसी फंडिंग करने वाली कंपनी जेआईसीए को अगले तीस सालों तक लोन रीपेमेंट करेगी।

करोड़ में तैयार हुआ प्रोजेक्ट

भारत की सबसे पहली मेट्रो की शुरुआत 1984 में कोलकाता में हुई थी। यह नॉर्थ-साउथ मेट्रो थी। ईस्ट-वेस्ट मेट्रो की शुरुआती लागत 4900 करोड़ रुपए थी और यह 14 किलोमीटर लंबा था। बाद में बदलाव और लेट होने के कारण यह दूरी 17 किलोमीटर हो गई और प्रोजेक्ट की लागत 8600 करोड़ रुपए पहुंच गई।

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