सिलावट को इंदौर-सागर, नरोत्तम को भोपाल-उज्जैन संभाग का जिम्मा

प्रजातंत्र ब्यूरो | भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के चौथे कार्यकाल में 5 नए मंत्रियों ने शपथ ले ली है। राज्यपाल लालजी टंडन ने मंगलवार दोपहर 12 बजे राजभवन में इन मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। मध्य प्रदेश के इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री की कैबिनेट सिर्फ पांच मंत्रियों की होगी। इन मंत्रियों को विभाग नहीं दिए गए हैं और सभी मंत्रियों को 2-2 संभागों का जिम्मा दिया गया है। माना जा रहा है कि कोरोना संकट खत्म होने के बाद जब मंत्रिमंडल विस्तार होगा, तब उसमें करीब दो दर्जन मंत्रियों को शामिल किया जाएगा, तभी मंत्रियों को विभाग भी दिए जाएंगे।

राजभवन में शपथ ग्रहण के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा भी उपस्थित थे। भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने सबसे पहले शपथ ली। जब मध्यप्रदेश में कांग्रेस विधायकों ने बगावत की थी, तब मिश्रा मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जा रहे थे। बाद में भाजपा नेतृत्व की तरफ से जब शिवराज सिंह का नाम तय हुआ तो संकेत दिए गए थे कि मिश्रा को उप मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। हालांकि कोरोना संकट के कारण बाद में सिर्फ पांच मंत्री बनाना तय हुआ।

क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों का ध्यान

मंत्रिमंडल बनाने में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों का ध्यान रखा गया है। ग्वालियर चंबल से ब्राह्मण नेता नरोत्तम मिश्रा, मालवा से दलित नेता तुलसी सिलावट, बुंदेलखंड से राजपूत गोविंद सिंह, निमाड़ से पिछड़े वर्ग के कमल पटेल और विंध्य से आदिवासी महिला के रूप में मीना सिंह को शपथ दिलाई गई है। शपथ के बाद सीएम चौहान ने पांचों मंत्रियों के साथ मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक की और कोरोना से निपटने की रणनीति बनाई।

महापौर, नपा अध्यक्षों का कार्यकाल 1 साल बढ़ा

प्रदेश सरकार ने कोरोना संकट को देखते हुए प्रदेश के नगरीय निकायों में महापौर अध्यक्षों का कार्यकाल 1 साल के लिए बढ़ा दिया है। जिनका कार्यकाल पूरा हो गया है, वे महापौर और नपा अध्यक्ष फिर से अपना काम संभाल सकेंगे। शिवराज कैबिनेट ने मंगलवार को पिछली सरकार द्वारा नियुक्त किए गए प्रशासक हटा दिए हैं और निकायों में 6 सदस्य प्रशासकीय समिति बनाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही समिति का स्वरूप और अधिकार क्या होंगे, इस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा।

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