कश्मीर में कुछ पाबंदियों के साथ इंटरनेट सुविधा वापस से शुरू की गयी

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। पांच महीने से ज्यादा समय तक इंटरनेट बंद रहने के बाद शुक्रवार देर रात से कश्मीर घाटी में पोस्टपेड के साथ ही प्रीपेड फोन पर 2G मोबाइल इंटरनेट सेवाएं फ़िर से शुरू कर दी गयी हैं।

इस संबंध में एक आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। आदेश तो दे दिए गए हैं लेकिन कुछ पाबंदियों के साथ क्योंकि जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा केवल 301 वेबसाइट्स ही लोग देख या पढ़ पाएंगे।

जम्मू कश्मीर प्रशासन के गृह विभाग की एक अधिसूचना के मुताबिक मोबाइल फोन पर 2G स्पीड के साथ इंटरनेट सुविधा 25 जनवरी से शुरू हो गई है। सोशल मीडिया साइट्स तक घाटी के लोगों की पहुंच नहीं होगी और तय वेबसाइट्स तक ही उनकी पहुंच हो सकेगी।

जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म करने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के फैसले के साथ पांच अगस्त को घाटी में इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं रोक दी गई थीं।

यह सुविधा पोस्टपेड और प्रीपेड सिम कार्ड पर उपलब्ध होगी। जिन साइट्स को मंजूरी दी गई है, उनमें सर्च इंजन और बैंकिंग, शिक्षा, समाचार, यात्रा, सुविधाएं और रोजगार से संबंधित हैं। वहीं सोशल मीडिया साइट्स पर अब भी पाबंदी बरक़रार है जिसमें फेसबुक से लेकर ट्विटर तक शामिल है।

इससे पहले घाटी में प्रीपेड मोबाइल सेवा बहाल करने और जम्मू खंड में 2G मोबाइल डेटा सेवा शुरू करने का फैसला किया गया था। जम्मू के दस जिलों और कश्मीर के दो जिलों (कुपवाड़ा और बांदीपोरा) में पहले से ही 2G इंटरनेट सेवा दी जा रही है।

5 अगस्त, 2019 को जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर उसे दो केंद्र शासित राज्यों में बांट दिया गया था। जम्मू-कश्मीर में तब से इंटरनेट सेवाएं बंद थी, केवल ब्रॉडबैंड से ही संपर्क कायम किया जा सकता था। सरकार ने लैंडलाइन फोन और पोस्टपेड मोबाइल सेवा भी हाल में ही शुरू की है।

विपक्षी दल जम्मू-कश्मीर के इन हालातों को लेकर मोदी सरकार पर हमलावर हैं। वहीं पाकिस्तान भी इस मुद्दे को लेकर विदेशी मंच पर भारत को घेरने की कोशिश करता आ रहा है।

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