जम्मू-कश्मीर में 4 माह बाद एसएमएस सरकारी अस्पतालों में इंटरनेट शुरू

श्रीनगर

नए सेना प्रमुख मनुज मुकुंद नरावणे ने कहा, 370 हटने के बाद कश्मीर में सुधरी है स्थिति

कश्मीर घाटी में करीब चार महीने से बंद मोबाइल एसएमएस सेवा फिर से शुरू हो रही है। जम्मू कश्मीर के प्रधान सचिव रोहित कंसल ने मंगलवार को बताया कि जम्मू कश्मीर के सभी सरकारी दफ्तरों में ब्रॉडबैंड सुविधा और एसएसएस सुविधा चालू होंगी। उन्होंने कहा कि कश्मीर में 31 दिसंबर की मध्य रात्रि से सभी सरकारी अस्पतालों में इंटरनेट सेवाएं, सभी मोबाइल फोन पर एसएमएस सेवाएं बहाल हो जाएंगी।’’ इसी साल पांच अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का एलान किया था और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांटने का एलान किया था।

इसी के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में मोबाइल, फोन और इंटरनेट सेवा रोक दी गई थी। हालांकि कुछ दिनों बाद जम्मू में मोबाइल, फोन और इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई लेकिन कश्मीर में यह पाबंदी जारी रही। अक्टूबर में कश्मीर में भी पोस्ट पेड मोबाइल सेवा बहाल की गई। घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवा रोके जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक अनुराधा भसीन समेत अन्य लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में तेजी से हालात बदल रहे हैं। देश के नए सेना प्रमुख मनुज मुकुंद नरावणे ने कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद कश्मीर में स्थिति में काफी सुधार हुआ है।

जिला अदालतों के पदों के लिए देश भर से मांगे गए आवेदन, विवाद

जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय ने केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख की जिला अदालतों में खाली 33 पदों को भरने के लिये देशभर से आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिस पर विवाद खड़ा हो गया है। जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान खत्म होने के बाद यहां पहली बार भर्तियां निकाली गई हैं। विपक्षी दलों ने इन दोनों केंद्र शासित क्षेत्रों के रोजगार के अवसरों को सभी भारतीयों के लिए खोलने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उच्च न्यायालय ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख की जिला अदालतों में जिन 33 गैर राजपत्रित अधिकारी पदों के लिए देशभर के योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे हैं। अदालत की इस अधिसूचना के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस, जेकेएनपीपी और विभिन्न वाम दलों समेत विपक्षी पार्टियों ने विरोध किया है। उन्होंने जम्मू कश्मीर में सरकारी नौकरियों में स्थानीय निवासियों को आरक्षण देने की मांग की।

घाटी में दो घंटे के भीतर भूकंप के चार झटके

जम्मू-कश्मीर में सोमवार रात को दो घंटे से भी कम समय में 4.7 से 5.5 तक की तीव्रता वाले भूकंप के चार झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने यह जानकारी दी। भूकंप का 4.7 तीव्रता का पहला झटका रात 10:42 बजे महसूस किया गया जिसके छह मिनट बाद 5.5 तीव्रता वाला दूसरा झटका महसूस किया गया। भूकंप के दोनों झटकों का केंद्र 10 किमी गहराई में था।

इसके बाद, रात 10:58 बजे 4.6 तीव्रता का तीसरा झटका महसूस किया गया और फिर रात 11:20 बजे भूकंप का चौथा झटका महसूस किया गया जिसकी तीव्रता 5.4 थी। तीसरा और चौथा झटका क्रमश: 36 और 63 किमी गहराई में आया। इस दौरान किसी के हताहत होने या किसी प्रकार की क्षति की कोई सूचना नहीं मिली है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में रात 10:29 बजे भूकंप का झटका महसूस किया गया जिसकी तीव्रता पांच दर्ज की गई।

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