ईरान ने 176 लोगों की हत्या कर दी और फिर बस इतना कहा कि ये ‘ह्यूमन एरर’ है

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। ईरान वाक़ई कमाल है सोचिये लगभग 176 लोगों की मौत हो जाती है। मौत भी केवल एक ग़लती के कारण अरे लोगों की नहीं मारने वाले की। फिर इस मौत को केवल एक ‘ह्यूमन एरर’ का टैगलाइन देकर अफ़सोस जता दिया जाता है।

तेहरान एयरपोर्ट पर बुधवार की सुबह यूक्रेन के विमान हादसे की जिम्मेदारी ईरान ने ले ली है। ईरान के सरकारी चैनल के मुताबिक ईरान आर्मी ने अपनी गलती मानते हुए कहा है कि धोखे से उसने यूक्रेन के विमान को मार गिराया था। इस विमान हादसे में 176 यात्रियों की मौत हो गई थी।

इस हादसे को लेकर एक सनसनीखेज वीडियो सामने आया था, जिसमें अमेरिकी के दो मीडिया ग्रुप ‘सीएनएन’ और ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ को ईरान से नारिमन गारिब नाम के शख्स ने एक वीडियो भेजा था।

इस वीडियो में देखा जा सकता था कि आसमान में रोशनी नजर आ रही है। फिर अचानक इसमें विस्फोट होता है। इस वीडियो में एक बिल्डिंग भी दिखती है। ये बिल्डिंग तेहरान के पारंद इलाके में है। दावा किया जा रहा है कि ईरान ने गलती से इस विमान पर निशाना साध दिया।

मृतकों में सबसे ज्यादा ईरान के 82 और कनाडा के 63 लोग थे.

ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ ने ट्वीट करते हुए कहा, “सेना की आतंरिक जांच में सामने आया है कि मानवीय भूल के चलते मिसाइल हमले में यूक्रेन का विमान क्रैश हुआ और 176 लोगों की मौत हुई। इस बड़ी त्रासदी और अक्षम्य घटना के जिम्मेदारों की पहचान और उन पर कार्रवाई के लिए जांच जारी रहेगी। ईरान इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा दुख व्यक्त करता है। मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी संवेदना।”

कनाडा और ब्रिटेन देश ने पहले ही जताया था शक

कनाडा और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने भी दावा किया था कि ईरान ने गलती से यूक्रेन के विमान पर हमला किया है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का कहना है कि इस बात के सुबूत हैं कि ईरानी मिसाइल ने यूक्रेन के यात्री विमान को गलती से मार गिराया था। न्यूज़ एजेंसी एएफपी के मुताबिक, यूक्रेन के एक मंत्री ने ईरान में यूक्रेन विमान हादसे की जांच में संयुक्त राष्ट्र से बिना शर्त समर्थन मांगा है।

आख़िर ये गलती कैसे हुई होगी?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी ख़ुफिया एजेंसियों ने पहले ही कहा था कि ईरानी ‘एयर डिफेंस सिस्टम’ ने ज़मीन से हवा में वार करने वाले दो मिसाइल छोड़े Flight752 पर। ये रूस का बनाया सिस्टम है, मॉस्को ने 2005 में तेहरान को ये बेचा था। दावा है कि इसी टोर सिस्टम से मिसाइल दागे गए हैं।

ये टोर सिस्टम मध्यम से लेकर नीचे की ऊंचाई पर काम करने के लिए बना है। ये एयरक्राफ्ट के अलावा मिसाइल जैसी चीजें भी खोज लेता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि इराकी ठिकानों पर की जा रही अपनी कार्रवाई के बीच ईरान को पता होगा कि शायद अमेरिका उसपर जवाबी हमला करे। ऐसे में एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए इस टोर सिस्टम को तैनात किया गया होगा।

इस तरह के एक सिस्टम को ऑपरेट करने के लिए तीन से चार लोग लगते हैं। उनका काम होता है रेडार पर आसपास दिख रहे विमानों को ट्रैक करना। कौन सा दुश्मन विमान है और कौन सा नहीं, इसकी पहचान में ग़लती हो सकती है। Flight752 के साथ शायद यही ग़लती हुई और सिस्टम ने उसपर मिसाइल छोड़ दिए। जिसे अब ईरान मानवीय भूल बता रहा है।

बोइंग 737-800 विमान काफी सुरक्षित माना जाता है

बोइंग 737-800 विमानों का सवाल है तो इसे बेहद सुरक्षित माना जाता है। सेफ्टी के मामले में इसका काफी अच्छा रिकॉर्ड है। इस विमान का निर्माण साल 2016 में किया गया था। सोमवार को इसका शेड्यूल मेंटेनेंस भी हुआ था। इस बीच यूक्रेन एयरलाइंस ने दावा किया है कि किसी गलती के चलते ये हादसा नहीं हुआ है। फ्लाइट के दोनों पायलटों को 11 हज़ार घंटे से ज़्यादा का अनुभव था। लिहाजा हादसे को लेकर हमले का भी शक जताया जा रहा है।

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