इरफान अपने आखिरी फ़िल्म के प्रमोशन में भी लोगों को जीना सीखा गए

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान का निधन बुधवार को हो गया। न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर से जंग लड़ रहे बॉलीवुड एक्टर इरफान खान की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई थी, जिसके चलते उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

उनके प्रवक्ता ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए बताया था कि 53 वर्षीय अभिनेता को कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। खान की 2018 में कैंसर की बीमारी का इलाज हुआ था।

जब शब्द कम पड़ जाए तो आँखों से बोलना सीखना चाहिए

इरफान की तबीयत काफी बिगड़ गई थी। अब ये खबर सामने आई है कि उन्होंने जिंदगी की जंग हार गए और इस दुनिया को अलविदा कह दिया। इरफान खान की मौत की जानकारी देते हुए परिवार की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया गया है, जो काफी भावुक कर देने वाला है।

जारी बयाने में कहा गया, “मैंने यकीन किया मैं हार गया। इरफान खान अक्सर इन शब्दों का प्रयोग किया करते थे। साल 2018 में कैंसर से लड़ते समय भी इरफान ने अपने नोट में ये बात कही थी। इरफान खान बेहद कम शब्दों में अपनी बात कहा करते थे और बात करने के लिए आंखों का ज्यादा इस्तेमाल करते थे।”

मैं आज आपके साथ हूं भी और नहीं भी

इरफान ने इंग्लिश मीडियम फ़िल्म से कमबैक किया था। इस फ़िल्म के रिलीज होने से पहले भी उन्होंने एक भावुक मैसेज दिया था।

इरफान ने अपने वीडियो में कहा था, “हैलो भाइयों, बहनों नमस्कार मैं इरफान। मैं आज आपके साथ हूं भी और नहीं भी। खैर ये फिल्म अंग्रेजी मीडियम मेरे लिए बहुत खास है। यकीन मानिए मेरी दिली ख्वाहिश थी कि इस फिल्म को उतने ही प्यार से प्रमोट करूं जितने प्यार से हम लोगों ने इसे बनाया है। लेकिन मेरे शरीर के भीतर कुछ अनचाहे मेहमान बैठे हुए हैं। उनसे वार्तालाप चल रहा है, देखते हैं किस करवट उठ बैठता है। जैसा भी होगा आपको इत्तला कर दी जाएगी। कहावत है कि व्हेन लाइफ़ गिव्स यू अ लेमन, यू मेक अ लेमोनेड। बोलने में अच्छा लगता है लेकिन जब सच में जिंदगी आपके हाथ में नींबू थमाती हैं ना तो शिकंजी बनाना बहुत मुश्किल हो जाता है।”

इसी वीडियो में इरफान ने आगे कहा था आपके पास और च्वॉइस भी क्या है पॉजिटिव रहने के अलावा। इन हालात में नींबू की शिकंजी बना पाते हैं या नहीं बना पाते हैं ये आप पर है। और हम सबने इस फिल्म को उसी पॉजिटिविटी के साथ बनाया है। उम्मीद है ये फिल्म आपको हंसाएगी-रुलाएगी। फिर से हंसाएगी। ट्रेलर को एन्जॉय करिए। एक दूसरे के प्रति दयालू रहिए और फिल्म देख कर आइए। और हां….. मेरा इंतजार करिएगा।

माँ की आखिरी इच्छा भी पूरी नहीं हो पाई

इरफान की मां सईदा बेगम का रमजान के पहले दिन यानी शनिवार को इंतकाल हुआ है। लॉकडाउन के चलते इरफान अपनी मां के इंतकाल के बावजूद मुंबई से जयपुर नहीं आ सके थे लेकिन मां अंतिम सांस तक अपने लाडले की सलामती की दुआएं मांगती रही। इरफान के भाई सलमान ने बताया कि 95 साल की मां की अंतिम इच्छा थी कि इरफान भाई जल्द से जल्द स्वस्थ हो कर घर लौटें। इरफान ने शनिवार को मुंबई में रहते हुए वीडियो कॉल के जरिए ही अपनी मां के अंतिम दर्शन किए थे।

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