दिल्ली के शाहीन बाग़ में जामिया जैसा माहौल, एक युवक ने हवा में चलाई गोली

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। शाहीन बाग़ अभी तक सिर्फ़ बड़े प्रोटेस्ट का हिस्सा था लेकिन नफ़रत का ज़हर इस क़दर बढ़ा हुआ है की अब वहां दिन दहाड़े गोलियां चलायी जा रही हैं। और ये गोली चलाने वालों की अगर आप उम्र देख लें तो आश्चर्य होगा।

जितनी उम्र के ये हैं उससे ज़्यादा पुरानी इनकी नफ़रत लगती है। जिस गति से ये नफ़रत फ़ैल रहा है ऐसा लगता है कोरोनावायरस से लोग बाद में लेकिन पहले इस नफ़रत से लोग खुद को तथा अपने आस-पास के लोगों को मार देंगे।

दरअसल एक व्यक्ति ने शनिवार को शाहीन बाग इलाके में गोलियां चलाईं, जिसमें सैकड़ों सीएए विरोधी प्रदर्शनकारी एक महीने से प्रदर्शन कर रहे थे। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ पुलिस ने उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया है।

शख़्स हिरासत में ले लिया गया है तथा हिरासत में आने के बाद उसने कहा है, “हमारे देश में किसी की नहीं चलेगी सिर्फ़ हिन्दुओं की चलेगी।”

इससे पहले गुरुवार को दिल्ली के जामिया इलाके में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ मार्च निकाल रहे छात्रों पर एक नाबालिग ने फायरिंग की थी। इसमें एक छात्र शादाब घायल हो गया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया था।

इस घटना के बारे में डीसीपी चिनमय बिस्वाल ने कहा, एक शख्स ने हवा में फायरिंग की। पुलिस ने तत्काल उसे दौड़ाया और भाग रहे शख्स को पकड़ लिया है। उसे हिरासत में लिया गया है।

जब ये बच्चे गोली चला कर सामने आ रहे हैं तब हमें ये दिखाई दे रहा है कि नफ़रत कितनी घुली हुई है। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि ये ज़हर इनमें भर कौन रहा है? अरे सब छोड़िये सोशल मीडिया पर पहुंच जाइये वहां ऐसी मानसिकता के हज़ारों बच्चे मिलेंगे। क्यों प्रसाशन का ध्यान उस ओर नहीं जा रहा?

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