जावेद और स्वामी के ट्वीट वार में आया नया मोड़ कहा स्वामी के प्रशंसक भी मंदबुद्धि

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से निकाला गया था अरे ऐसा हम नहीं कह रहे। ये कहना है जावेद अख़्तर का। वैसे तो जावेद अख़्तर हमेशा किसी न किसी बयान को लेकर सुर्ख़ियों में शीर्ष पर रहते हैं लेकिन इस बार वो सीधे सुब्रमण्यम स्वामी से भिड़ गए।

अभी दोनों हस्तियों के बीच ट्वीट वार चालू है। इस वॉर की शुरुआत 2018 की एक खबर शेयर करने से हुई। बीते साल की ये ख़बर ट्विटर पर सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा ट्वीट की गयी है। अब इस ट्वीट में आखिर ऐसा क्या है जो दोनों के बीच जंग छिड़ गयी है?

दरअसल इसमें मस्जिदों को बंद किए जाने की खबर भी छपी थी। इसे शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, “ऑस्टिया में सात मस्जिद बंद और 60 इमाम निकाले गए।” इसे देखकर जावेद अख्तर भड़क गए और उन्होंने इसपर तीखी प्रतिक्रिया दी।

जावेद अख्तर ने स्वामी के साथ चल रहे ट्वीट वॉर में यह दावा करते हुए लिखा है, “स्वामी के मंदबुद्धि प्रशंसक मुझपर कुछ मुल्लाओं को बचाने का आरोप लगा रहे हैं। मेरी सलाह है कि पहले किसी को भी निष्पक्षता के साथ मेरे मैसेज को पढ़ना चाहिए। खैर, मिस्टर स्वामी क्या कभी आपने मुझे डराने की कोशिश नहीं की? यह काम नहीं करेगा। मैं दोहरा रहा हूं कि आपको हार्वर्ड से निकाला गया था। अब जाइए और पतंग उड़ाइए।”

बीजेपी सांसद ने जो ख़बर साझा किया है, वह साल 2018 का है। यह खबर द वॉक्स में छपा था, जिसमें मस्जिदों को बंद किए जाने की खबर भी छपी थी।

अख्तर के जवाब पर स्वामी ने तो कुछ नहीं कहा। लेकिन उनके फैन इस बात का दबाव बनाते रहे कि उन्हें जवाब देना चाहिए। करीब 6 घंटे बाद स्वामी ने प्रतिक्रया देते हुए लिखा, “क्या मेरे पास ऐसे इंसान को जवाब देने का कोई भी कारण है, जो जेट एयरवेज में डी-गैंग के हितों का प्रतिनिधित्व करता है और इसके पतन को देखता है। किस योग्यता के आधार पर उन्हें जेट के बोर्ड में रखा गया था। जेट एतिहाद डील पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही मेरी जनहित याचिका (रिट पिटीशन नंबर 888/13) की सुनवाई के निष्कर्ष का इंतजार करें।”

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