जदयू के नेता की बेटी ने ठोंका मुख्यमंत्री पद पर दावा, पूरे राज्य में चर्चा शुरू

विभव देव शुक्ला

बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसकी चर्चा पिछले कुछ समय से प्रदेश में नज़र आ ही रही है। चाहे सूबे के सियासी गलियारे हों या राजनेताओं की बयानबाजी, सारी बातें चुनावी उठापटक की ओर इशारा कर रही हैं। सारे राजनीतिक दलों ने राज्य के भीतर तैयारियां शुरू कर दी हैं और उन तैयारियों का नज़ारा देखने के लिए मिला बिहार की राजधानी पटना में।

सोच से परे दावा
राजनेताओं के पोस्टर और बैनर लगना बेहद आम बात है और पोस्टर में उन नेताओं के बारे में कुछ आम बातें भी लिखी होती हैं। लेकिन जनता दल के नेता विनोद चौधरी की बेटी पुष्पम प्रिया चौधरी ने अपने पोस्टर में इतना बड़ा दावा ठोंक दिया जिसकी शायद किसी ने कल्पना ही नहीं की होगी। पोस्टर में उन्होंने खुद को बिहार के मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताया है। फिलहाल इस पोस्टर की चर्चा सूबे की सियासत में ज़ोरों पर है।

मुख्यमंत्री पद का दावा
पोस्टर में लिखा है कि ‘वर्तमान सरकार से सत्ता वापस लेने के लिए हमारे साथ आइये। बिहार के लोगों को नफरत की राजनीति से बचना होगा। बिहार राज्य और बेहतर विकल्प का हकदार है और यह लोगों को समझना होगा।’ लेकिन इतनी बातों के बावजूद सारा विवाद एक ही जगह आकर फंस जाता है।
इतनी बातें लिखने के बाद दावा कुछ ज़्यादा ही बड़ा है। इस बात की उम्मीद शायद ही किसी ने की होगी कि पुष्पम चौधरी खुद को मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित कर देंगी। फिलहाल दल के किसी दिग्गज नेता की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन पोस्टर का चर्चा हर तरफ जारी है।

शीर्ष नेतृत्व को चुनौती
पोस्टर पर पुष्पम चौधरी के पिता और जदयू के नेता विनोद चौधरी का कहना है वह युवा है, शिक्षित है और यह कदम उसने खुद से उठाया है। इस बात में कोई दो राय नहीं है कि दल का शीर्ष नेतृत्व इस कदम को बिलकुल पसंद नहीं करेगा। किसी भी सूरत में इस कदम का मतलब यही निकल कर आता है कि उसने शीर्ष नेतृत्व को चुनौती दी है।

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