जूनागढ़: खतरे में एशियाई शेर, शिकारी गिरोह का भंडाफोड़, 38 सदस्य गिरफ्तार

जूनागढ़/अहमदाबाद। गुजरात का गौरव एशियाई शेर फिर से खतरे में हैं। इस बार कोई बीमारी नहीं बल्कि इन शेरों को शिकारियों से खतरा है। ग्रामीणों की सतर्कता से शेरों का शिकार करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हो गया। वन विभाग ने पिछले 24 घंटे में इस गिरोह के 38 लोगों को गिरफ्तार किया है। वनकर्मियों ने वन क्षेत्र से जानवरों को फंसाने वाले 17 जालों को बरामद किया है। इतने बड़े गिरोह के सक्रिय रहने पर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों की कार्यशैली संदेह के घेरे में है।

दरअसल, गिर-सोमनाथ के सुतरापाडा तहसील के खांभा गांव में गिरोह के सदस्यों ने देशी जड़ी बूटी बेचने के बहाने डेरा डाला था। लेकिन उनके इरादे कुछ और थे। यह लोग जंगल में जंगली जानवरों को पकड़ने के कार्य में जुटे थे। दो दिन पूर्व उनके जंगली जानवरों को फंसाने के लिए लगाए गए जाल में एक शेर का शावक फंस गया था। जब गिरोह के सदस्यों ने उसे पकड़ने की कोशिश तभी वहां एक अन्य शेर आ गया। उसने अपने शावक को पकड़ते देखकर सदस्यों पर हमला कर दिया। हमले में इस गिरोह का एक सदस्य घायल हो गया। गिरोह के अन्य सदस्यों ने घायल को इलाज के लिए तलाला अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल से मामले की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को को दी गई लेकिन वन विभाग ने कोई सुध नहीं ली। इसी बीच घायल इस्सम अस्पताल से फरार हो गया।

ग्रामीणों ने शेर के शावक को जाल में फंसा देकर वन विभाग को सूचना दी, तब वन विभाग सक्रिय हुआ। वन विभाग के कर्मियों ने जाल में फंसे शावक को निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। छानबीन के बाद वन विभाग ने नाटकीय रूप से घायल इस्सम सहित चार लोगों को पहले गिरफ्तार किया। इन लोगों से जब कड़ाई से पूछताछ की गई तब शेरों को पकड़ने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ। वन विभाग के अधिकारियों ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर इस गिरोह के 34 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार कर लिया। इन लोगों की निशानदेही पर जंगल में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए 17 जालों को भी बरामद किया है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह में 40 से अधिक लोग शामिल हैं। अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। एजेंसी

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