कोरोना को हरा कर,डिस्चार्ज होने के कुछ देर पहले ही चल बसे जूनी इंदौर टी आई

इंदौर

कर्त्तव्य का जज्बा… अंतिम सांस लेने के कुछ घंटे पहले तक साथियों के हालचाल लेते रहे और बोले- लौटकर ड्यूटी पर आता हूं लॉकडाउन का सख्ती से कराना है पालन

आखिरकार खतरनाक कोरोना वायरस ने शहर के कर्मवीर, कर्त्तव्यनिष्ठ व जांबाज जूनी इंदौर टीआई देवेंद्र कुमार चंद्रवंशी (45) की जान ले ली। वे जनता कर्फ्यू, लॉक डाउन व कर्फ्यू के पहले से कोरोना से लोगों की जान की सुरक्षा में ड्यूटीरत थे और इस दौरान संक्रमण की चपेट में आ गए। उन्हें पिछले महीने अरबिंदो अस्पताल में भर्ती किया गया था। रविवार को वे डिस्चार्ज होने वाले थे लेकिन शनिवार देर रात उनकी मौत हो गई। प्रदेश के पुलिस परिवार में संभवत: यह पहला मामला है जब कोरोना में सेवा देने के दौरान किसी अधिकारी की मौत हुई। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने चंद्रवंशी के निधन पर गहरा शोक जताते हुए परिजन को 50 लाख रु. व उनकी पत्नी को एसआई की नौकरी देने की घोषणा की है।

चंद्रवंशी को 30 मार्च को सर्दी-खांसी व सांस लेने में तकलीफ होने के कारण अरबिंदो अस्पताल में भर्ती किया गया था। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे अस्पताल से जैसे ही उनके निधन की खबर उनके विभागीय साथियों और वरिष्ठ अधिकारियों को लगी तो वे अवाक रह गए। 19 दिन से जिंदगी और मौत से संघर्ष के बाद उनकी हालत में काफी सुधार था और उन्हें रविवार को डिस्चार्ज किया जाना था। अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. विनोद भंडारी ने बताया कि उनकी पहली कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। 10 अप्रैल को उनकी हालत खराब हो गई थी तो उन्हें एंटीबायोटिक इंजेक्शन दिया गया। उपचार के बाद जब उनकी स्थिति बेहतर हुई तो उनका सैंपल फिर से जांच के लिए भेजा गया। 16 अप्रैल को कोरोना की पहली रिपोर्ट नेगेटिव आई थी। फिर 17 अप्रैल को दूसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आई। शनिवार रात उन्हें पल्मोनरी एम्बोलिज्म (एक प्रकार का कार्डियक अरेस्ट) उनकी मौत हो गई। सीएमएचओ डॉ. प्रवीण जडिया का कहना है कि चंद्रवंशी की मौत कोरोना के रिकॉर्ड में ही दर्ज होगी क्योंकि वे पॉजिटिव पाए गए थे।

गॉर्ड ऑफ ऑनर के साथ अंतिम विदाई

कोरोना से हुई मौत की गाइड लाइन व प्रशासन के आदेश के तहत रविवार दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल से उनका शव रामबाग मुक्तिधाम ले जाया गया। यहां उन्हें विदाई देने में आईजी विवेक शर्मा, डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्र, एसपी (पूर्व) मो. युसूफ कुरैशी, एसपी (पश्चिम) महेशचंद जैन, एसपी (मुख्यालय) सूरज वर्मा, लगभग सभी एडिशनल एसपी, सीएसपी सहित करीब 70 अधिकारी थे। ये सभी व परिजन पीपीई किट में थे और सोशल डिस्टेंस बनाए हुए थे। यहां गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हवाई फायर व राजकीय सम्मान के श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान वहां मौजूद सभी अधिकारियों की आंखें डबडबा गई। दरअसल सभी को ये अनुमान था कि चंद्रवंशी रविवार को डिस्चार्ज होंगे लेकिन उन्होंने जिंदगी से ही विदाई ले ली।

ऐसे जांबाज के चरणों को नमन : मुख्यमंंत्री

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने चंद्रवंशी के परिवार को 50 लाख रुपए की मदद के साथ उनकी पत्नी को एसआई के पर नियुक्ति देने की घोषणा की है। उन्होंने ट्वीट किया- मैं देवेंद्र चंद्रवंशी के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वे कोरोना वॉरियर बनकर लोगों की सेवा में लगे हुए थे। इस संकट की घड़ी में मेरे साथ पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है।

कर्त्तव्य की वेदी पर वीरगति : आईजी

आईजी विवेक शर्मा ने कहा कि देवेंद्रकुमार कोरोना की जंग में कर्त्तव्य की वेदी पर लड़ते-लड़ते वीरगति को प्राप्त हुए हैं। उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया। डीआईजी हरिनारायणाचारी मिश्रा ने कहा कि वे कर्त्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे। सीएसपी दिशेष अग्रवाल ने बताया कि वे कर्त्तव्यनिष्ठ अधिकारी थे। वे कोरोना संक्रमित तो थे ही, निमोनिया भी हो गया था। वे 2007 में पुलिस सेवा में एसआई के रूप में पदस्थ हुए थे। वे मूलत: शाजापुर के रहने वाले थे तथा काफी मिलनसार थे।

अस्पताल में भी थाना स्टाफ की थी चिंता

अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी वे शुरुआती दिनों में अपने थाना स्टाफ की स्वास्थ्य व उनके परिवारों को लेकर काफी चिंतित रहते थे। वे फोन पर उनसे संपर्क में रहते थे तथा जल्द ठीक होकर फिर से मैदान में डटे रहना चाहते थे ताकि लॉक डाउन का पालन कराया जा सके।

एएसआई, टीआई, एएसपी सहित आठ इलाजरत

इधर, टीआई देवेंद्रकुमार के अस्पताल में भर्ती होने के बाद से ही जूनी इंदौर थाना भवन को लगातार सेनिटाइज किया जा रहा है। थाने का एक एएसआई भी संक्रमित है। ऐसे ही एक अन्य टीआई व एएसपी भी आइसोलेट है जबकि तीन पुलिस कर्मी इलाजरत हैं।

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