कपिल देव ने कहा, अगर थक गए हैं तो मत खेलो आईपीएल

नई दिल्ली

पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान कपिल देव ने गुरुवार को कहा कि वे खिलाड़ी, जो नियमित तौर पर भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेल रहे हैं और अगर उन्हें लगता है कि उनके लिए अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर बहुत बिजी है तो वे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को छोड़ सकते हैं। कपिल ने यहां एचसीएल के 5वें संस्करण के सम्मान समारोह से इतर संवाददाताओं से बात करते हुए भारतीय टीम के खिलाड़ियों को यह सलाह दी।

इस पूर्व कप्तान ने कहा, ‘अगर आपको लगता है कि थक गया हूं तो मत खेलो आईपीएल। आप वहां (आईपीएल) अपने देश का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे हैं। इसलिए अगर आपको लगता है कि आप थक गए हैं तो आप आईपीएल के दौरान हमेशा ब्रेक ले सकते हैं। जब आप अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं तो फिर अलग भावना होनी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी अपने देश के लिए खेल रहे होते हैं तो उन्हें अपना सर्वश्रेष्ठ देने की जरूरत होती है और इससे समझौता नहीं करना चाहिए क्योंकि वे फ्रैंचाइजी क्रिकेट खेलने में बहुत अधिक ऊर्जा लगाते हैं।

पूर्व कप्तान ने हालांकि इस बात पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि क्या उन्होंने पहले टेस्ट में न्यूजीलैंड से मिली हार या फिर वनडे सीरीज के दौरान भारतीय खिलाड़ियों में किसी भी तरह के थकान के संकेत देखे थे। कपिल ने कहा, ‘मुझे नहीं पता। टीवी देखना और बयान देना मेरे लिए बहुत मुश्किल और अनुचित है।’ उन्होंने कहा, ‘कई बार, हां। जब आप एक सीरीज में खेलते रहते हैं और उस समय थकान महसूस करते हैं, जब आप रन नहीं बना रहे होते हैं या विकेट नहीं ले रहे होते हैं। लेकिन जब आप ऐसा करते हैं तो कभी नहीं थकते हैं। आप 7 विकेट लेते हैं और एक दिन में 20-30 ओवर गेंदबाजी करते हैं।’

एक प्रशंसक के तौर पर धोनी को खेलते देखना चाहता हूं : कपिल

पूर्व कप्तान कपिल देव ने कहा है कि वह महेंद्र सिंह धोनी के प्रशंसक हैं और इसी नाते वह उन्हें इसी साल अक्टूबर में होने वाले टी-20 विश्व कप में खेलते देखना चाहते हैं, लेकिन धोनी पर फैसला टीम प्रबंधन को लेना है। उन्होंने कहा, एक प्रशंसक के तौर पर (मैं उन्हें टी-20 विश्व कप में खेलते हुए देखना चाहूंगा)। लेकिन एक क्रिकेटर के तौर पर यह प्रबंधन पर निर्भर है। उन्होंने अगर एक साल से नहीं खेला है तो आप क्या उम्मीद कर सकते हो। मुझे लगता है कि उन्हें ज्यादा मैच खेलने चाहिए। कपिल ने कहा, “टीम में आने के लिए धोनी को ज्यादा से ज्यादा मैच खेलने चाहिए नहीं तो यह बाकी खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी होगी। ऐसा नहीं होना चाहिए कि अलग-अलग खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग पैमाने हों।

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