दुश्मन पर होगा लेजर किरणों से हमला, प्रोजेक्ट ‘काली’ शुरू

नई दिल्ली

भारत अब लेजर से हमला करने वाले हथियार बनाने की तैयारी कर रहा है। इन हथियारों को प्रत्यक्ष ऊर्जा हथियार (डायरेक्ट एनर्जी वेपन-डीईडब्ल्यू) कहा जाता है। इनके अलावा ऐसे हथियार भी बनाए जा रहे हैं जो माइक्रोवेव किरणें छोड़कर दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक, रेडियो सिस्टम, संचार सिस्टम आदि को नष्ट करने में सक्षम होंगे। युद्ध के दौरान संचार प्रणाली टूट जाने पर दुश्मन अपनी सेना को निर्देश न दे पाने की स्थिति में बेहद कमजोर हो जाता है और इसी का फायदा उठाकर उस पर हमला करने में आसानी होती है। डीआरडीओ ने इस प्रोजेक्ट को ‘काली’ बीम नाम दिया है क्योंकि लेजर बीम हमले में किसी भी तरह की आवाज नहीं होती है। यह किरणें चुपचाप अपने टारगेट को भेदकर उसे जलाकर राख कर देती हैं।

दरअसल, जिस तरह हॉलीवुड की फिल्मों में हथियारों का इस्तेमाल दिखाया जाता है, अब उसी तरह के हथियार बनाने की भारत तैयारी कर रहा है। डीआरडीओ के सूत्रों के अनुसार इन हथियारों को बनाने के लिए भारत सरकार ने एक राष्ट्रीय स्तर का प्रोग्राम बनाया है। इसमें अलग-अलग तरह के प्रत्यक्ष ऊर्जा हथियार होंगे, जिनकी क्षमता 100 किलोवॉट पावर की होगी। यानी भविष्य में बनने वाले इन हथियारों के जरिये दुश्मन की किसी भी छोटी मिसाइल, फाइटर जेट या ड्रोन को आसमान में ही नष्ट किया जा सकेगा जिससे भारत पर हमला करने से पहले ही दुश्मन के पसीने छूट जाएंगे। इन हथियारों में हाई एनर्जी लेजर और हाई पावर माइक्रोवेव्स शामिल हैं। इन हथियारों को एक ही जगह पर तैनात करके कई किलोमीटर दूर तक हमला या बचाव किया जा सकता है। इससे निकलने वाली लेजर या इलेक्ट्रोमैग्निक किरणें, सब-एटॉमिक पार्टिकल्स या फिर माइक्रोवेव किरणें दुश्मन को सेकंड्स में चित कर देंगी। इनके निकलने से लेकर हिट करने तक कोई आवाज या धमाका नहीं होता, इसलिए दुश्मन को इनके हमले का पता नहीं चलता।

ये है 10 साल की योजना

*सेना को एक मिसाइल नष्ट करने के लिए 500 किलोवॉट का लेजर हथियार चाहिए। डीआरडीओ ने 10 साल की योजना तैयार की है।
*पहले चरण में 6-8 किमी तक की रेंज के और फिर दूसरे चरण में 20 किमी तक हमला करने वाले हथियार बनाए जाने की तैयारी है।
*भारतीय सेनाओं को पहले चरण में 20 हाई पावर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेपन सिस्टम की जरूरत होगी जो 6-8 किलोमीटर रेंज के होंगे।
*दूसरे चरण में 20 किमी रेंज वाले हाई पावर इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेपन सिस्टम बनेंगे।
* लेजर हथियारों से एक साथ कई लक्ष्यों को अकेले संभाला जा सकता है।

 

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