मध्य प्रदेश कांग्रेस के विधायक का कहना है ‘सीएए और एनआरसी को अलग-अलग रख कर देखिये’

विभव देव शुक्ला

नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर देश में छिड़ी बहस पर सभी का अपना-अपना नज़रिया था। आम जनता तक इस मुद्दे पर दो हिस्सों में बंटी हुई है, आबादी के एक हिस्से ने इसका विरोध किया तो वहीं आबादी के दूसरे हिस्से ने समर्थन किया। लेकिन आम जनता के अलावा इस मुद्दे पर देश के राजनीतिक दलों के नेताओं की भूमिका गौर करने लायक थी। भारतीय जनता पार्टी वालों का मत पहले ही साफ था और वहीं कांग्रेस इसके विरोध में लामबंद रही। लेकिन ऐसी ख़बरें ज़्यादा गौर फरमाने लायक होती हैं जिसमें एक दल का नेता कुछ अलग नज़रिया पेश कर दे।

सीएए और एनआरसी का समर्थन
इसी कड़ी में मध्यप्रदेश के कांग्रेस विधायक ने नागरिकता संशोधन अधिनियम और नेशनल रजिस्टर फॉर सिटिज़न पर अपनी राय पेश की है। हरदीप सिंह दंग मध्यप्रदेश मंदसौर ज़िले के सुवासरा से विधायक हैं। इस मुद्दे पर उनका कहना है कि अगर हम सीएए और एनआरसी को अलग- अलग करके देखें तो इसमें कोई नुकसान नहीं है।
पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान में कोई अल्पसंख्यक खुश नहीं है तो वह भारत आ सकता है। लेकिन इस बात पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए कि लोगों से पूछा जाए ‘किन लोगों की पीढ़ियाँ यहाँ पैदा हुई थीं। जिससे उनके एनआरसी से जुड़े दस्तावेज़ों को जाँचने में परेशानी न आए।

ज्योतिरादित्य ने किया था 370 हटाने का समर्थन
इसके बाद हरदीप सिंह ने कहा पूरी राजनीति इस बात के इर्द-गिर्द घूमती है जो एनआरसी और सीएए को मिला कर देखा जा रहा है। उनका यह भी कहना था कि मध्य प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के निर्णय का समर्थन किया था। जिसके चलते जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा मिला हुआ था।
हरदीप सिंह का बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस की कार्यकारिणी समिति ने सीएए को वापस लेने की मज़बूती से मांग उठाई है। साथ ही यह भी कहा एनआरसी के तहत जारी हर प्रक्रिया पर रोक लगा दी जाए। बेशक इस बयान के बाद कांग्रेस के भीतर हलचल बढ़ेगी लेकिन फिलहाल कांग्रेस के किसी नेता ने इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

admin