कोरोना मरीजों की सेवा के लिए नर्स बनीं मुंबई की मेयर

मु्ंबई

कोरोना का हॉटस्पॉट बने इंदौर में स्वास्थ्यकर्मियों को ड्यूटी पर बुलाने के लिए कलेक्टर को नोटिस देना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर हॉटस्पॉट मुंबई में महापौर (मेयर) किशेारी पेडणेकर खुद ही कोरोना मरीजों की सेवा के लिए आगे आई हैं। महापौर ने संकट की इस घड़ी में बतौर नर्स एक अस्पताल में काम करने का फैसला किया है। किशेारी पेडणेकर पहले नर्स रह चुकी हैं। अब उन्होंने अपना पुराना यूनिफॉर्म फिर से पहन लिया है। शिवसेना के एक नेता ने कहा कि वह देर रात की पाली में अपनी सेवाएं देंगी।

शिवसेना की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट किया, “यह हमारे मुंबई की सम्मानित महापौर हैं किशोरी पेडणेकर जी। वह रोज सुबह आठ बजे से देर रात दो बजे तक काम करती हैं और अब महानगर की सेवा के लिए उन्होंने नर्स का यूनिफॉर्म भी पहन लिया है। वह नैयर अस्पताल में सेवा देंगी।” प्रियंका ने कहा, “जो लोग उनके बारे में अपमानजनक ढंग से ट्वीट करते रहे हैं, उन्हें सबक लेना चाहिए। खुद से पहले काम।” महापौर पेडणेकर ने ट्वीट किया, “मुंबई के लिए कुछ भी। हम घर से काम नहीं कर सकते, हम आपके लिए क्षेत्र में हैं, घर पर रहिए, ख्याल रखिए… मैं नैयर अस्पताल में हूं।”

महापौर पेडणेकर का कहना है कि वह अपने पुराने पेशे में इसलिए उतरी हैं ताकि अग्रिम मोर्चे पर लगे स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल ऊंचा रखा जा सके। मुंबई के बीआईएल नायर चैरिटेबल हॉस्पिटल एंड टीएन मेडिकल कॉलेज में सोमवार को नर्स की पोशाक पहनकर पहुंचीं पेडणेकर ने कहा कि हम सब जानते हैं कि हम लोग इस समय एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं। सभी नर्सें कठिन परिश्रम कर रही हैं। नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे द्वितीय और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों को भी अस्पतालों में सेवा पर बुला लिया गया है। मैं यहां उन सभी का मनोबल बढ़ाने आई हूं। पेडणेकर के अनुसार, इस समय लोगों को यह अहसास कराने की जरूरत है कि लोग अपने घरों में रहें, हम उनकी मदद के लिए यहां हैं। पेडणेकर के अनुसार उन्होंने यह पोशाक लोगों की सेवा में उतरे नर्सिंग के छात्रों और उनके अभिभावकों के मन में भरोसा जगाने के लिए धारण की है।

10 साल नर्स के रूप में कर चुकी हैं काम

मुंबई के एक मिल कामगार की पुत्री 56 वर्षीय किशोरी पेडणेकर ने 1992-93 में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट के एक अस्पताल में नर्स का कम शुरू किया था और 10 साल तक इस सेवा में रहीं। उसी दौरान शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे से प्रेरित होकर उन्होंने शिवसेना की सदस्यता ले ली थी।

वह चार बार वरली के दक्षिण वार्ड की सभासद भी रह चुकी हैं। अभी हाल ही में इन्होंने खुद को क्वारेंटाइन कर लिया था। कोरोना पीड़ितों से मिलने, सामाजिक कार्यककर्ताओं के साथ-साथ पत्रकारों के साथ भी लगातार संवाद के कारण पेडणेकर की तबीयत खराब हो गई थी। कोरोना की आशंका के चलते इन्होंने ऐसा किया था, लेकिन टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद अब पेडणेकर अपने पुराने अवतार में आ गई हैं।

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