ना मुसलमान का हिन्दू हूँ, ना परिवार का हिन्दू हूँ, मैं सबका हिन्दू हूँ

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। जब सोशल मीडिया से लेकर सड़कों पर हर तरफ़ बवाल मचा हो इसी बीच कुछ अच्छा देखने, पढ़ने को मिल जाये तो पल भर के लिए ही सही ख़ुशी होती है। ख़ुशी इसलिए होती है कि इतनी नफ़रतों के बावज़ूद कुछ लोग प्रेम फ़ैलाने का अपना हिस्सा नहीं छोड़ते हैं।

ऐसी ही एक प्यारी वीडियो सुबह से इंटरनेट जगत में शेयर की जा रही है। लोग भी इस पर अपनी भद्दी मानसिकता दर्शाने से पहले दस बार सोच रहे हैं। इस वीडियो पर उम्मीद है सोशल मीडिया दो धड़ो में नहीं बंटेगा।

अब आते हैं आख़िर ये वीडियो है क्या? दरअसल इस वीडियो में एक महिला कविता पाठ करती नज़र आ रहीं हैं। इस कविता का शीर्षक है मैं सबका हिन्दू हूँ। यह वीडिओ सोशल मीडिया पर जम कर शेयर की जा रही है।

इस वीडियो को ट्वीट करते हुए स्वराज इंडिया के नेता योगेंद्र यादव ने कहा है, “शुक्रिया इस सुंदर कविता के लिए। स्वामी विवेकानंद ने भी हिन्दू होने का मतलब कुछ इसी तरह समझाया था।” इस कविता को इस नज़रिये से भी देखा जा रहा है इसे उन सारे नफ़रती नारों पर भारी बताया जा रहा है।

अभी सीएए तथा फीस बढ़ोत्तरी को लेकर जहाँ हर जगह तनाव का माहौल है इसी बीच फैज़ अहमद फैज़ की एक कविता हम देखेंगे पर भी जम कर बवाल हुआ है। जहाँ जेएनयू से लेकर जामिया तथा एएमयू में छात्रों को जमकर पीटा गया। इतने बवालों के बीच ये कविता सबको एक करने का सन्देश देती है।

कविता के कुछ अंश यूं हैं

मैं न परिवार का हिन्दू हूँ
मैं न ताज़ का हिन्दू हूँ
मैं न शाह का हिन्दू हूँ
मैं मुसलमान का हिन्दू हूँ
मैं सबका हिन्दू हूँ

ज़ारी है विरोध का दौर

एक ओर जहां हैदराबाद में असदुद्दीन ओवैसी तिरंगा मार्च निकाल रहे हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मोर्चा खोले हुए हैं। इसके अलावा तमाम सामाजिक संगठनों द्वारा विरोध किया जा रहा है। वहीं, देश के अधिकांश हिस्सों में कानून के समर्थन में भी रैली निकाली जा रही है।

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