सरकार के नए आदेश में अब इन सामानों के ट्रांसपोटेशन पर छूट

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने यानी कोविड-19 को काबू करने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के कारण फंसे प्रवासी मजदूरों एवं बेघर लोगों को आश्रय मुहैया कराने के लिए राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) के इस्तेमाल और देश में सभी जरूरी एवं गैर-जरूरी वस्तुओं को ले जाने की रविवार को अनुमति दे दी है।

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में उन्हें यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रवासी श्रमिकों समेत बेघर लोगों को आश्रय एवं भोजन मुहैया कराने के लिए राहत शिविर स्थापित किए जाएं। पत्र में कहा गया है, ‘‘मैं यह सूचित करना चाहता हूं कि देश में कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू बंद के कारण फंसे प्रवासी मजदूरों समेत बेघर लोगों और राहत शिविरों एवं अन्य स्थानों में शरण लेने वाले लोगों को भोजन मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने एसडीआरएफ के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है।”

मीटिंग में ये जानकारी भी आयी कि फुटकर विक्रेताओं के पास अधिकतम 5 दिनों का ही सामान है। और फिर एक सरकारी अधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि कई राज्यों की पुलिस सामानों का ट्रांसपोर्ट रोक रही है। ये कहकर कि ये ज़रूरी सामान नहीं हैं। इस वजह से भी लोगों तक ज़रूरी सामान पहुंचाने में दिक़्क़त आ सकती है। इसको मद्देनजर रखते हुए सभी ज़रूरी तथा गैर जरूरी सामानों के आवा जाही पर रोक नहीं लगाई जाएगी।

समाचार एजेसी पीटीआई के मुताबिक, गृह सचिव ने यह भी साफ किया कि इस छूट के तहत प्रिंट मीडिया के लिए न्यूज़ पेपर्स की डिलीवरी भी शामिल है।

इसमें कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन कानून लागू करने के लिए पहले ही आदेश दे दिया है जिसके तहत जिला प्राधिकारियों को प्रवासी श्रमिकों का आवागमन रोकने के लिए अतिरिक्त कदम सख्ती से लागू करने और उन्हें पृथक रहने की सुविधाएं, आश्रय एवं भोजन मुहैया कराने तथा यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके वेतन का भुगतान किया जाए और उनके मकान-मालिक उन्हें घरों से नहीं निकालें। गृह सचिव ने एक पत्र में कहा, ‘‘इसका सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता है।”

वहीं इस नए आदेश में साफ-सफाई से जुड़े सामान की सप्लाई को शामिल किया गया है। इनमें हैंडवॉश, साबुन, शैम्पू, डायपर, सैनिटरी नैपकिन, टूथपेस्ट, टूथब्रश, बैटरी सेल और चार्जर जैसी चीजें शामिल हैं।

गृह सचिव ने इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के सेवाओं को भी नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के तहत माना है। साथ ही कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को भी छूट दी गई और कम से कम कर्मियों के साथ काम करने को कहा गया है।

admin