उत्तर प्रदेश के रामपुर में जया प्रदा पर गैर जमानती वारंट

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। लोकसभा चुनाव 2019 में भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी रहीं फिल्म अभिनेत्री जया प्रदा भी कानूनी शिकंजे में फंस गई हैं। जयाप्रदा पर आचार संहिता उल्लंघन के मामले में रामपुर कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी किया है। मामले में अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी। पूर्व सांसद जयाप्रदा ने बीते साल लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था।

जया प्रदा दस वर्ष तक रामपुर से समाजवादी पार्टी से सांसद थीं। उनको बहुजन समाज पार्टी तथा समाजवादी पार्टी के संयुक्त प्रत्याशी आजम खां से पराजय झेलनी पड़ी थी। इस दौरान स्वार थाने में उनके खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज हुआ।

उनके खिलाफ आरोप है कि लोकसभा चुनाव के दौरान स्वार के ग्राम नूरपुर में उन्होंने सड़क का लोकार्पण किया था। इस प्रकरण में मजिस्ट्रेट ने आचार संहिता उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद चार्जशीट लगा दी थी। इस मामले में वह कोर्ट में हाजिर नहीं हो सकी थी। शुक्रवार को वह सुनवाई की तारीख पर उपस्थित नहीं हुईं। इस पर एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने उनके खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी कर दिए।

आजम खान और जया प्रदा के बीच टीका टिप्पणी की घटना कई बार हो चुकी है। लोकसभा चुनाव के दौरान ही आजम खान ने जया प्रदा पर जमकर निशाना साधा था। उस दौरान सांसद आजम खान ने अपनी प्रतिद्वंद्वी बीजेपी नेत्री जया प्रदा की तरफ आपत्तिजनक इशारा करते हुए कहा था कि अश्लीलता को सम्मान देने वाला समाज कभी आगे नहीं बढ़ सकता है।

लोकसभा चुनाव में बीजेपी की प्रत्याशी जयाप्रदा को पराजित करने वाले आजम खान ने चुनाव के दौरान भी अपनी प्रतिद्वंद्वी पर अभद्र टिप्पणी की थी। इसकी वजह से चुनाव आयोग ने उनके चुनाव प्रचार करने पर 72 घंटे के लिए रोक लगा दी थी।

इससे पहले केमरी थाने में दर्ज एक अन्य मामले में भी कोर्ट जमानती वॉरंट जारी कर चुका है। इसमें अगली सुनवाई 27 मार्च को होनी है। जयाप्रदा के वकील मुस्तफा हुसैन के मुताबिक, उन्हें स्वार वाले मामले की जानकारी ही नहीं थी, क्योंकि पुलिस ने अग्रिम विवेचना में इसे आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना था। उन्होंने कहा कि वह अगली सुनवाई में अपना पक्ष रखेंगे।

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