अब सुप्रीम कोर्ट से माल्या के दस्तावेज़ गायब सुनवाई 20 अगस्त तक टली

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

शराब कारोबारी विजय माल्या की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने भगोड़े विजय माल्या की पुनर्विचार याचिका 20 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी है।

विजय माल्या केस की सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट में नहीं हो पाई। दरअसल, माल्या के केस से जुड़े दस्तावेज फाइल से गायब होने के कारण शीर्ष अदालत को यह सुनवाई टालनी पड़ी।

अपनी संपत्ति अपने परिवार के नाम ट्रांसफर कर दी थी

देश की सुप्रीम कोर्ट में माल्या पर अवमानना का केस चल रहा है। डाक्यूमेंट्स गायब होने की वजह से विजय माल्या की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई बीस अगस्त तक के लिए टल गई है।

अब सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई के लिए 20 अगस्त तक स्थगित कर दिया है। माल्या ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर अपनी संपत्ति अपने परिवार के नाम ट्रांसफर कर दी थी।

सुप्रीम कोर्ट ने एक वकील को फटकार भी लगाई

अदालत ने पिछली सुनवाई में अपनी ही रजिस्ट्री से स्पष्टीकरण मांगा था कि मई 2017 के आदेश के खिलाफ माल्या की अपील अदालत के सामने लिस्ट क्यों नहीं की गई है ? कोर्ट ने रजिस्ट्री से उन अधिकारियों का नाम भी पूछा था जो फाइल से निपटाते हैं।

कोर्ट ने रजिस्ट्री से इस मामले पर दो सप्ताह के भीतर जवाब देने के लिए कहा था। इसके साथ ही कोर्ट ने रजिस्ट्री पर मामले की लिस्टिंग में भेदभाव के आरोप लगाने को लेकर एक वकील को फटकार भी लगाई।

भारत सरकार माल्या को वापस लाने की कोशिश कर रही है

माल्या मार्च 2016 से ब्रिटेन में है। भारत सरकार उन्हें वापस लाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। इस साल जून में लंदन हाईकोर्ट ने विजय माल्या की भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की इजाज़त देने वाली याचिका खारिज़ कर दी थी।

मई में ब्रिटेन की हाईकोर्ट ने विजय माल्या के प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर याचिका को खारिज़ कर दिया था। जिसके बाद विजय माल्या के पास सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने की अनुमति लेने वाली याचिका के लिए 14 दिनों का समय था।

लंदन हाईकोर्ट ने पिछले महीने 20 अप्रैल को फैसला सुनाया था। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि विजय माल्या ने भारतीय बैंकों को धोखा दिया है और उसे प्रत्यर्पित किया जाना चाहिए।

admin