अब कर्नाटक सरकार ने स्टेट बोर्ड स्कूलों के पाठ्यक्रम से टीपू सुल्तान और हैदर अली के चैप्टर को हटा दिया है

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

इन दिनों पाठ्यक्रम में से कुछ मुख्य ऐतिहासिक किरदारों को धीरे धीरे निकाला जा रहा है।

कर्नाटक सरकार ने स्टेट बोर्ड स्कूलों का पाठ्यक्रम कम किया है। इस पाठ्यक्रम को 120 दिनों के वर्किंग दिनों के हिसाब से तैयार किया है। ऐसे में इसे 30 फीसद तक घटाया गया है।

स्टेट बोर्ड स्कूलों का पाठ्यक्रम कम किया है

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी ऐजुकेशन ने कोरोना वायरस के चलते कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक का पाठ्क्रम घटाया है। सीबीएसई के बाद अब कर्नाटक सरकार ने स्टेट बोर्ड स्कूलों का पाठ्यक्रम कम किया है।

इस पाठ्यक्रम को अब 120 दिनों के वर्किंग डे के हिसाब से तैयार किया गया है। नया पाठ्यक्रम सोमवार को कर्नाटक टेक्स्ट बुक सोसायटी की वेबसाइट में अपलोड किया गया। इस नए पाठ्यक्रम से टीपू सुल्तान और हैदर अली का चैप्टर हटा दिया गया है।

हम विशेषज्ञों के काम में हस्तक्षेप नहीं कर सकते

अब टीपू सुल्तान को पाठ्यक्रम से हटाने पर विवाद शुरू हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि विशेषज्ञों ने विषय की महत्ता के हिसाब से पाठ्यक्रम को तैयार किया गया है।

इस मामले में केटीबीएस के निदेशक मेड ग्वाडा ने कहा, “हमने हैदर अली या टीपू सुल्तान को हटाया नहीं है। पाठ्यक्रम के जो बदलाव किए गए हैं, वे विशेषज्ञों ने किए हैं। हम विशेषज्ञों के काम में हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं। यहां तक कि हम उनके काम में कोई विशेष टिप्पणी या सुझाव भी नहीं दे सकते हैं।”

सरकार की आलोचना शुरू हो गई है

वहीं निदेशक ने कहा कि विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम में जो बदलाव किए हैं वह उन्होंने विषय की महत्ता को ध्यान में रखकर किए हैं।

कर्नाटक में जब भारतीय जनता पार्टी आई थी तो यह घोषणा की गई थी कि पाठ्यक्रम से टीपू सुल्तान का चैप्टर हटाया जाएगा। अब कोरोना काल में 30 फीसद पाठ्यक्रम घटाने पर टीपू सुल्तान और हैदर अली कै चैप्टर काट दिया गया है। इसके बाद से सभी तरफ से सरकार की आलोचना शुरू हो गई है।

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