अब प्रियंका कांग्रेस की सुप्रीम हाईकमान

संजीव आचार्य

प्रियंका गांधी ने असंतुष्टों से निपटने, राजस्थान की सरकार बचाने और कांग्रेस कार्यसमिति में नई नियुक्तियों में बड़ी भूमिका निभाकर खुद मजबूती से पाट में अपनी जगह बनाई, आज देश के तमाम बड़े कांग्रेसी नेता प्रियंका को ही क्यों रिपोर्ट कर रहे हैं इसकी पूरी कहानी बता रहे है वरिष्ठ पत्रकार संजीव आचार्य

सोनिया गांधी अपने वार्षिक मेडिकल चेकअप के लिए विदेश रवाना हो गई है। पुत्र राहुल गांधी भी उनके साथ गये हैं। अघोषित तौर पर दोनों की गैर मौजूदगी में प्रियंका गांधी ही इस समय काँग्रेस की सर्वेसर्वा है। पूरे देश के नेता इस वक्त उन्हें ही रिपोर्ट कर रहे हैं। जबकि ऐसी कोई औपचारिक घोषणा सोनिया ने नहीं की है कि उनकी गैर मौजूदगी में प्रियंका पार्टी की बागडोर संभालेंगी। मां और भाई के देश में रहने पर भी पिछले करीब एक डेढ़ साल से प्रियंका ही सभी प्रमुख राजनीतिक निर्णयों में अहम भूमिका निभाती रही हैं। कांग्रेस के समन्दर में पिछले दिनों लेटर बम फेंकने से उठी अस्थायी लहरें अब शांत हो चुकी हैं। एक बार फिर तय हो गया कि गांधी परिवार का नेतृत्व इस पार्टी के लिये अपरिहार्य है। यह भी की राहुल गांधी ही जल्दी पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में पुनःअध्यक्ष चुन लिये जायेंगे।

सोनिया गांधी उसके बाद पूर्णतः सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लेगी और उनकी भूमिका में सक्रिय होंगी प्रियंका। पिछले दिनों सोनिया गांधी के अंतरिम अध्यक्ष पद के कार्यकाल की समाप्ति के मौके पर हुई चर्चित कार्यसमिति की बैठक में सम्भावित हंगामे को पर्दे के पीछे से प्रियंका ने ही संभाला। उन्होंने फोन पर कोई सात आठ प्रमुख नेताओं से बात करके असंतुष्टों की मुहिम को न केवल ध्वस्त किया, बल्कि सबको सांत्वना भी दी कि जल्दी ही पार्टी में सब कुछ ठीक चलने लगेगा। सोनिया ने जो कार्यसमिति और राज्यों के प्रभारी एवं महासचिव घोषित किए, उन्हें भी प्रियंका और राहुल ने मिलकर तय किया। अहमद पटेल के साथ प्रियंका गांधी ने लम्बी चर्चा करके वरिष्ठ और युवाओं की मिलीजुली टीम को अंतिम रूप दिया। बल्कि राहुल गांधी को भी जिन्हें इस टीम में रखवाना था, वो नामों की सूची उन्होंने प्रियंका को ही सौंप दी थी। प्रियंका के साथ जुड़कर काम कर रहे सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की।

प्रियंका को अब पूरे उत्तरप्रदेश का प्रभारी बनाने के साथ ही उनकी बाकायदा सलाहकार समिति भी नियुक्त की गई है। प्रियंका ने इस समिति में आचार्य प्रमोदकृष्णम के रूप में एक महत्वपूर्ण मनोनयन किया है। आजादी के बाद कांग्रेस ने पहली बार किसी हिन्दू धर्माचार्य (वह कल्कि पीठाधीश्वर हैं) को महत्ता दी है। आचार्य की प्रियंका के सलाहकार के तौर पर नियुक्ति इसलिए ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह बयान दिया कि राहुल गांधी असफल रहे हैं और पार्टी तथा देशवासी प्रियंका को प्रधानमंत्री देखना चाहते हैं। इतना खुलकर किसी काँग्रेस नेता ने राहुल के खिलाफ बयान नहीं दिया।

मध्यप्रदेश के उप चुनाव में प्रचार के लिए सर्वाधिक मांग प्रियंका गांधी की है। प्रियंका गांधी के कार्यालय सचिव ने बताया कि सभी प्रत्याशी चाहते हैं प्रियंका मध्यप्रदेश का एक सप्ताह का दौरा करें तो काँग्रेस को बड़ी मदद मिलेगी। प्रभारी महासचिव मुकुल वासनिक ने भी पुष्टि की है। उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि दिग्विजयसिंह को केंद्रीय कार्यसमिति में स्थायी आमंत्रित सदस्य नियुक्त करने में प्रियंका ने प्रस्ताव रखा जिस पर राहुल ने भी यह कहकर सहमति जताई कि — हाँ, उनका अनुभव पार्टी के लिए उपयोगी है।

प्रियंका के कहने पर ही राजीव शुक्ला को कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है और प्रियंका के पसंदीदा राज्य हिमाचल प्रदेश की जिम्मेदारी राजीव शुक्ला को दी गई है। मालूम हो कि प्रियंका ने शिमला के पास एक सुरम्य स्थान पर अपना सपनों का आशियाना बनाया है। वह परिवार के साथ छुट्टियों में वहीं समय बिताती हैं और इन दिनों भी वहीं हैं।

एक बात स्पष्ट है कि राहुल भले ही पार्टी के अध्यक्ष बन जायेंगे क्योंकि मां सोनिया की यही इच्छा है और बहन प्रियंका भी इस बात के पक्ष में है। लेकिन राहुल गांधी भी यह अच्छे से समझते हैं कि देशभर के नेताओं और संगठन की पेचीदगियां प्रियंका ही बेहतर सम्भाल सकती हैं। इसलिए आने वाले दिनों में प्रियंका ही सोनिया गांधी की तरह सुप्रीम हाईकमान होगी।

 

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