कोरोना से निपटने को लेकर ट्रंप पर भड़के ओबामा, ऑडियो कॉल लीक

वॉशिंगटन

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कोरोना वायरस से निपटने में मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा है। ओबामा ने कहा है कि अमेरिका में पूरी तरह से अराजक आपदा फैली है। अमेरिका को कोरोना वायरस ने बुरी तरह से अपनी चपेट में लिया है। यहां वायरस संक्रमण के साथ मौत के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं। अमेरिका में वायरस संक्रमण के मामले 13 लाख के पार चले गए हैं। वायरस की चपेट में आकर यहां 80 हजार से ज्यादा मौतें हुई हैं। ओबामा ने अमेरिका के इस हालात के लिए ट्रंप पर हमला बोला है।

बराक ओबामा का ट्रंप पर निशाना साधने वाला एक वेब कॉल लीक हुआ है। जिसके बाद ये जानकारी सामने आई है। बराक ओबामा वेब कॉल में अपने प्रशासन के कुछ पूर्व सहयोगियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने ये भी कहा है कि न्याय विभाग का ट्रंप के पूर्व रक्षा सलाहकार माइकल फ्लिन पर लगे आरोपों को हटाने के फैसले ने अमेरिकी कानून को खतरे में डाल दिया है। माइकल फ्लिन को रूस के मामले में एफबीआई के सामने झूठ बोलने का आरोपी पाया गया था। याहू न्यूज को ओबामा का वेब कॉल हासिल हुआ है। इसमें ओबामा अपने पूर्व स्टाफर से कह रहे हैं कि वो सब जो बिडेन की जीत के लिए एकसाथ आएं। अमेरिका में नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए जो बिडेन, मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चुनौती देने वाले है। आलोचक कह रहे हैं कि पहले तो डोनाल्ड ट्रंप ने महामारी से निपटने में देरी की। फरवरी में जब अमेरिका में वायरस का संक्रमण फैला तो ट्रंप प्रशासन ने न टेस्टिंग किट को स्टॉक किया और न ही दूसरे मेडिकल उपकरणों और महामारी से निपटने की रणनीति बनाने के लिए कुछ किया। आलोचक कह रहे हैं कि महामारी से ज्यादा ट्रंप को आने वाले राष्ट्रपति चुनाव की फिक्र है। इसलिए वो जल्दी से जल्दी देश को खोलना चाहते हैं। इसके लिए कोई ब्लू प्रिंट तैयार नहीं किया गया है कि देश को खोलने पर कम से कम खतरा हो। ओबामा ने कहा है कि हम इस लड़ाई को स्वार्थी होकर लड़ रहे हैं, हम पुराने तौर तरीके अपना रहे हैं, बंटे हुए हैं और एकदूसरे को दुश्मन की तरह देख रहे हैं। अमेरिकी जीवन का यही सबसे मजबूत पहलू गया है। यही वजह है कि पूरी दुनिया के इस संकट से निपटने की क्षमता इतनी कमजोर और बिखरा हुआ है।

व्हाइट हाउस कोरोना टास्क फोर्स के 3 कर्मचारी क्वारंटाइन में गए

कोरोना वायरस को लेकर व्हाइट हाउस में गठित टास्क फोर्स के तीन कर्मचारी क्वारंटाइन में चले गए हैं। ये तीनों कर्मचारी कोरोना से संक्रमितों के संपर्क में आए थे, जिसके बाद इन्होंने क्वारंटाइन में जाने का फैसला किया। एसोसिएट प्रेस ने इस बारे में जानकारी दी है। अमेरिका में सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के डायरेक्टर डॉ रॉबर्ट रेडफिल्ड भी अगले दो हफ्तों तक टेलीफोन के जरिए अपने लोगों से संपर्क में रहेंगे और काम करते रहेंगे। जानकारी मिली है कि पिछले दिनों वो एक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे। हालांकि इसे लो रिस्क एक्सपोजर कहा जा रहा है। शनिवार की शाम को उन्होंने कहा कि वो अच्छा महसूस कर रहे हैं और उनमें वायरस संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं।

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