अधिकारी छापा मारने में व्यस्त थे उधर उनकी 25 गाड़ियां ग़ायब हो गईं

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। छत्तीसगढ़ में अब तक की सबसे बड़ी इनकम टैक्स कार्रवाई के लिए पहुंचे अधिकारी और रायपुर पुलिस आमने-सामने हो गए हैं। छापा मारने के लिए पहुंचे ढेर सारे अधिकारी जब कार्रवाई करके बाहर आए तो दंग रह गए। अधिकारियों की लगभग 20 से 25 गाड़ियां ग़ायब थीं। गाड़ियां कहां चली गईं किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था। खूब माथा खपाने के बाद पता चला कि गाड़ियां थाने में जमा हैं।

पुलिस ने उन्हें देर रात जब्त कर लिया है। पुलिस की ओर से यह कार्रवाई नो-पार्किंग में वाहनों के खड़े होने की बात कहकर की जा रही है। वहीं शहर की ट्रैफिक पुलिस और पुलिस दोनों एक-दूसरे पर कार्रवाई करने की बात डाल रहे हैं। यातायात पुलिस का कहना है कि कार्रवाई थानों ने की होगी, उन्हें इसकी जानकारी नहीं है, जबकि रायपुर पुलिस का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस गाड़ियां लेकर आई है।

दरअसल इनकम टैक्स के अधिकारी गुरुवार 27 फरवरी को रायपुर गए थे। साथ में एक ही साथ चार और ज़िलों में छापा मारना था। रायपुर मेयर एजाज ढेबर, पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड, आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा समेत और भी कुछ लोग अधिकारियों की लिस्ट में थे। उनके साथ सीआरपीएफ के भी 200 से ज्यादा जवान शामिल थे, कहा ये जा रहा है कि जिन लोगों पर कार्रवाई के लिए अधिकारी पहुंचे थे उनमें से ज़्यादातर सरकार के क़रीबी थे।

अफसर जब कार्रवाई के लिए चले गए तो सड़क पर खड़े उनके वाहनों में पुलिस ने जैक लगा दिया। बताया जा रहा है कि इसके बाद देर रात उन वाहनों को उठाकर पुलिस लाइन में खड़ा कराया गया है। ऐसे करीब 20 से 25 वाहन शामिल हैं, जिन्हें जब्त किया गया है। सभी गाड़ियां राज टॉकीज के पास खड़ी थी। इसी दौरान रात करीब 11.30 बजे पुलिस पहुंची और गाड़ियों में जैक लगा दिया। पुलिस ने गाड़ियों में बैठे चालकों के पेपर भी चेक किए। इसके बाद गाड़ियों को पुलिस लाइन में लाकर खड़ा करवा दिया गया।

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