दुनिया में हर 9 में से एक व्यक्ति को रहना पड़ रहा भूखा, भुखमरी बढ़ी

नई दिल्ली

कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के बाद से हालात बदतर होते जा रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से लगातार कोरोना वायरस संक्रमण की मानीटरिंग की जा रही है, देशों को जानकारियां दी जा रही है जिससे वो अपने को इस महामारी से सुरक्षित रख सकें।

इस बीच संयुक्त राष्ट्र की 5 एजेंसियों ने एक सर्वे किया है जिसमें ये बात निकलकर सामने आई है कि दुनिया में हर 9 में एक आदमी को भुखा रहना पड़ रहा है। इसके अलावा इस साल भुखमरी का शिकार होने वाले लोगों की संख्या में भी इजाफा होगा। संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि पिछले साल भुखमरी के शिकार लोगों की संख्या में इस साल एक करोड़ लोगों का बढ़ावा होगा। चेतावनी दी है कि कोरोना वायरस महामारी इस साल करीब 13 करोड़ अतिरिक्त लोगों को भुखमरी की ओर धकेल सकती है। सोमवार को संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

पांच एजेंसियों ने तैयार की रिपोर्ट

इस रिपोर्ट को यूएन की पांच एजेंसियां- खाद्य और कृषि संगठन, अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष, संयुक्त राष्ट्र बाल कोष, विश्व खाद्य कार्यक्रम और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मिलकर तैयार किया है। रिपोर्ट कहती है कि बीते पांच सालों में भुखमरी और कुपोषण के अलग-अलग रूपों के शिकार लोगों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि इस साल महामारी के कारण लगाई पाबंदियां और आर्थिक मंदी से 8 करोड़ से 13 करोड़ लोग भुखमरी का सामना कर सकते हैं। इस रिपोर्ट के लेखकों ने पूर्वी अफ्रीका में “टिड्डी के प्रकोप” का भी जिक्र किया है।

तीन अरब लोगों के पास सेहतमंद आहार नहीं –

यूएन की एजेंसियों का कहना है कि करीब तीन अरब लोगों के पास सेहतमंद आहार सुनिश्चित करने के साधन नहीं है। रिपोर्ट कहती है कि इस दिशा में अधिक से अधिक कार्य करने की जरूरत है। उसके मुताबिक सभी लोगों की पहुंच ना केवल भोजन तक होनी चाहिए बल्कि पौष्टिक खाद्य पदार्थों तक भी होनी चाहिए जो एक स्वस्थ आहार बनाते हैं। रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया कि कोरोना वायरस महामारी के परिणामस्वरूप खाद्य वितरण प्रणाली बाधित हुई, आजीविका को नुकसान हुआ और विदेशों में काम करने वाले अपने घर पैसे भेज नहीं पाए जिस वजह से गरीब परिवारों को स्वस्थ आहार तक पहुंच बनाने में मुश्किल पैदा हुई।

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