कुत्ते को हार्टअटैक से बचाने लिए लगाया गया पेसमेकर

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। देश में पशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ा डेवलपमेन्ट हुआ है। भारत में एक साढ़े सात साल की कॉकर स्पेनियल ब्रीड के डॉगी की पेसमेकर इम्प्लांट सर्जरी की गई है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में साढ़े सात साल की कॉकर स्पेनियल नस्ल की कुत्ते के दिल में पेस मेकर लगाया गया है। पशु चिकित्सकों का कहना है कि यह देश में किसी पशु का इस तरह का पहला ऑपरेशन है।

खुशी नाम की एक फीमेल डॉग में एक पीडियाट्रिक पेसमेकर लगाया गया है। इस डॉग का हार्ट पूरी तरह से ब्लॉक हो गया था जिससे उसकी दिल की धड़कन 20 बीट्स प्रति मिनट पर आ गई थी। आमतौर पर यह 60-120 बीट प्रति मिनट रहती है।

मैक्स वेट्स हॉस्पिटल ग्रेटर कैलाश में छोटे जानवरों के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट हैं डॉक्टर भानु देव शर्मा। इनकी देख-रेख में ही ये ऑपरेशन किया गया। डॉक्टर ने स्थानीय मीडिया को बताया, “खुशी का दिल ह्रदय की सामान्य प्रक्रिया के लिए जरूरी संचालन नहीं कर पा रहा था। दिल से बहने वाले खून की मात्रा काफी कम हो गई थी जिससे वह बार-बार बेहोश हो रही थी।”

डॉक्टर शर्मा ने कहा कि उसके मालिकों के मुताबिक, खुशी एक आलसी फीमेल डॉग थी। उन्होंने बताया, ‘पिछले साल फरवरी में कान के इमरजेंसी ऑपरेशन के दौरान वह गिर पड़ी लेकिन डॉक्टरों ने किसी तरह उसे बचा लिया। तब हमने महसूस किया कि उसे कोई और गंभीर समस्या है।’ डॉक्टर शर्मा ने यूनिवर्सिटी ऑफ लग्जमबर्ग से स्मॉल एनिमल कार्डियोलॉजी में मास्टर डिग्री हासिल की है। खुशी के कान की सर्जरी से उबरने के बाद डॉक्टरों ने उसका परीक्षण किया और ईसीजी से उसके हार्ट के पूरी तरह से ब्लॉक होने का पता चला।

मैक्स वेट्स हॉस्पिटल में डॉक्टर भानु और डॉक्टर कुणाल देव शर्मा ने अपने यूरोपीय सहयोगियों के साथ केस डिस्कस किया। भारत में कुत्तों की अब तक कोई भी पेसमेकर सर्जरी हुई नहीं थी, इसलिए ये शुरुआत में बहुत मुश्किल लग रहा था। बहुत सोचने-समझने के बाद भारत में पहली बार किसी कुत्ते के लिए इन दोनों डॉक्टरों ने पेसमेकर सर्जरी प्लान की।

15 दिसंबर को इस फीमेल डॉग का ऑपरेशन हुआ और डेढ़ घंटे तक चली लंबी सर्जरी के बाद पेसमेकर डाल दिया गया। गुड़गांव निवासी मनु का कहना है, ‘पेसमेकर लगने के बाद खुशी एक बार फिर सामान्य तौर पर ऐक्टिव है और ऐसा लगता है कि वह अपने बचपन में लौट गई है।’

दुनियाभर के पशु चिकित्सक इस ऑपरेशन को लेकर उत्साहित थे। दोनों डॉक्टर्स ने इस बारे में कई विशेषज्ञों से सलाह ली थी। उनका मानना था कि अगर ये ऑपरेशन सफ़ल रहता है, तो पशु चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया दौर आएगा।

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