कुलभूषण जाधव केस में पाक का नया पैंतरा भारत से बात किए बिना स्पेशल बेंच बनाई

इस्लामाबाद

चालबाजी इस्लामाबाद हाईकोर्ट द्वारा गठित दो सदस्यीय पीठ अगले सप्ताह से करेगी सुनवाई

कुलभूषण जाधव केस में पाकिस्तान ने नया पैंतरा चलते हुए बिना भारत से सलाह मशविरा किए सुनवाई के लिए दो सदस्यीय पीठ का गठन किया है। पाकिस्तान के मीडिया ने खबर प्रकाशित-प्रसारित की कि इस्लामाबाद हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अतहर मिनल्ला और साथी जज मियांगुल हसन औरंगजेब की पीठ सोमवार को सरकार की याचिका पर सुनवाई करेगी।

पाकिस्तान ने 22 जुलाई को एकपक्षीय कदम उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) में याचिका दाखिल कर जाधव के लिए कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने की मांग की थी। हालांकि पाकिस्तान के कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा 20 मई को लागू अध्यादेश के तहत आवेदन दाखिल किए जाने से पहले भारत सरकार समेत मुख्य पक्षों से परामर्श नहीं किया गया।

नए अध्यादेश से जाधव को फंसा रहा पाक

अंतरराष्ट्रीय न्याय समीक्षा और पुनर्विचार अध्यादेश 2020 के तहत किसी सैन्य अदालत के फैसले पर पुनर्विचार के लिए याचिका अध्यादेश लागू होने के 60 दिन के अंदर एक आवेदन के माध्यम से इस्लामाबाद हाई कोर्ट में दाखिल की जा सकती है। पाक संसद ने इसी सप्ताह अध्यादेश को मंजूरी दी थी। भारतीय नौसेना के सेवानिवृत्त अधिकारी जाधव (50) को अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोपों में पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी।

भारत ने पाक को सुनाई खरी-खरी

नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव इस बात का जिक्र किया कि नई दिल्ली ने पिछले एक साल में जाधव से राजनयिक संपर्क कराने का 12 बार अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि बार-बार के अनुरोध के बावजूद मामले से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने की पूरी कवायद, निर्बाध राजनयिक संपर्क मुहैया नहीं कराने देने और पाकिस्तान द्वारा कुछ कथित एकतरफा कार्रवाई करते हुए एक बार फिर से उच्च न्यायालय का रुख करना पाकिस्तान के कपटपूर्ण रवैया को बेनकाब करता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान न सिर्फ आईसीजे के निर्णय का, बल्कि अपने खुद
के अध्यादेश का भी उल्लंघन कर रहा है।

पाक सरकार ने हाईकोर्ट से कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त करने की मांग की

पाक सरकार ने याचिका में इस्लामाबाद हाई कोर्ट से कहा है कि जाधव के लिए एक कानूनी प्रतिनिधि नियुक्त किया जाए ताकि पाकिस्तान आईसीजे के फैसले के क्रियान्वयन की अपनी जिम्मेदारी पूरी कर सके। पाक विदेश कार्यालय की प्रवक्ता आइशा फारूकी ने पिछले सप्ताह कहा था आईसीजे के निर्णय को लागू करने जरूरी कदम उठाए गए हैं।

आईसीजे के फैसले का भी पालन नहीं कर रहा पाकिस्तान

जाधव को पाकिस्तान द्वारा राजनयिक पहुंच नहीं दिये जाने के खिलाफ और उन्हें सुनाई गई मौत की सजा को चुनौती देने के लिए भारत ने आईसीजे का रुख किया था। हेग स्थित आईसीजे ने जुलाई 2019 में व्यवस्था दी थी कि पाकिस्तान को जाधव को सुनाई गई मौत की सजा पर प्रभावी तरीके से पुनर्विचार करना चाहिए लेकिन पाक ऐसा नहीं कर रहा है।

पाक का दावा- जाधव ने पुनर्विचार याचिका दाखिल करने से किया इनकार

पाकिस्तान सरकार ने दावा किया था कि जाधव ने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए याचिका दाखिल करने से इनकार किया है। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने पिछले सप्ताह कहा था कि पाकिस्तान ने जाधव को सुनाई गयी मौत की सजा के खिलाफ उन्हें उपलब्ध कानूनी उपाय मुहैया नहीं कराके एक बार फिर कपटपूर्ण रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने इस मामले में भारत के पास उपलब्ध सभी रास्ते बंद कर दिये हैं। पिछले हफ्ते, भारत ने पाकिस्तान पर जाधव के मामले की प्रभावी समीक्षा के लिए सभी रास्ते बंद करने का आरोप लगाया था। विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद पर पूर्व नौसेना अधिकारी के लिए व्यवस्थित रूप से प्रवेश करने, उनके मामले से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने और उनकी सजा
की समीक्षा के लिए अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था।

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