शराब की दुकान खुलने के समर्थन में वो पार्टियां साथ आयीं जिनकी कभी चुनावी मैदान में नहीं बनी

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

राजस्थान के तीन नेता हैं उनमें से एक BJP के, दूसरे कांग्रेस के, तीसरे कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया के हैं। इनके नाम चर्चा में इसलिए आ रहे हैं क्योंकि इन्होंने पहले तो शराब की दुकान खुलवाने की मांग की है ऊपर से दुकान खुलवाने के पीछे का तर्क तो वाकई चौकाने वाला है।

ये तर्क देने वाले बीजेपी के पूर्व विधायक हैं, कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी वाले मौजूदा विधायक हैं। तीनों ने राज्य सरकार से अपील की है कि शराब की दुकानें खोल दी जाएं।

शराब से हाँथ धो सकते हैं तो पी क्यों नहीं सकते

राजस्थान के सांगोद क्षेत्र से कांग्रेस विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि वह लॉकडाउन के दौरान राज्य में शराब की दुकानों को फिर से खोलने का आदेश दें।

विधायक ने सीएम को लिखे पत्र में कहा है, “शराब की दुकानों के न खुलने से राज्य की अर्थव्यवस्था की कमर टूट गई है और इस कारण राज्यभर में अवैध देशी शराब को बनाया और बेचा जा रहा है।”

सिंह ने कहा कि जब शराब से हाथ धोने से कोविड-19 वायरस साफ हो सकता है तो शराब पीने से निश्चित रूप से गले से वायरस भी साफ हो जाएगा। इसलिए सरकार को शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति देनी चाहिए।लॉकडाउन की वजह से बाजार में शराब की मांग अधिक है, इसलिए पीने वाले इसका स्वागत कर रहे हैं। शराब की बिक्री न होने से सरकार को हानि हो रही है, वहीं पीने वालों के स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो रहा है।

शराब ने गठजोड़ करा दिया

बीजेपी के भवानी सिंह राजावत जो कोटा के लोदपुरा से पूर्व विधायक हैं इन्होंने भी शराब की दुकान खुलने को लेकर समर्थन करते हुए एक चिट्ठी लिखी है।

अपने चिट्ठी में भवानी लिखते हैं, “अभी ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया है कि शराब पीने से कोरोना वायरस फैलता है या बढ़ता है। अभी तक जो कोरोना वायरस संक्रमण से जो मौत हुईं उनमें से 80 प्रतिशत तो ऐसे हैं जिन्होंने कभी शराब को हाथ भी नहीं लगाया।”

राजावत के अनुसार शराब बंद करने का कोई तर्क समझ में नहीं आता। फिर सरकार का राजस्व लक्ष्य भी है। वह भी पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पान, बीड़ी, सिगरेट, गुटका, तंबाकू पर प्रतिबंध जारी रहना चाहिए। शराब या एल्कोहल से तो हम दिन में दस बार हाथ धोते हैं तो इससे कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने कहा कि मजदूर तबका अब जहरीली शराब पीने लग गया आने वाले समय में हालात और खराब हो सकते हैं। 

शराब दुकान खुलने के समर्थन में माकपा भी आगे


इससे पहले भादरा से माकपा विधायक बलवान पूनियां ने भी इस बारे में मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा था कि लॉकडाउन के कारण शराब की बिक्री बंद होने से जहां राजस्व नुकसान हो रहा है वहीं हरियाणा से लगते सीमांत इलाकों अवैध शराब व स्प्रिट की बिक्री बढ़ रही है। इससे विशेषकर गरीब मजदूर तबके की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। पूनिया ने कहा कि अवैध शराब बिकनी शुरू हो गयी है। शराब माफिया पनप रहा है जिसको ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को नियमों के तहत शराब की बिक्री पुन: शुरू करनी चाहिए।

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