रीसाइकिल्ड कार्डबोर्ड से बने हैं ओलिंपिक में खिलाड़ियों के बिस्तर

इस साल जुलाई-अगस्त में जापान की राजधानी टोक्यो में होने वाले 2020 ओलिंपिक एवं पैरालंपिक खेलों में खिलाड़ियों को दिए जाने वाले बिस्तरों का निर्माण रीसाइकिल्ड कार्डबोर्ड से किया गया है। यह टूर्नामेंट 24 जुलाई से 29 अगस्त तक होगा। रिपोर्ट के मुताबिक इन बिस्तरों की मैट्रेस पॉलीथाइलीन मैटैरियल से बना है।

ओलिंपिक के बाद इनका प्लास्टिक प्रॉडक्ट्स के रूप में फिर से उपयोग में लाया जा सकेगा। ओलिंपिक के लिए कुल 18 हजार बिस्तरों की जरूरत है जबकि पैरालंपिक के लिए 8 हजार बिस्तरों की जरूरत होगी। टोक्यो ओलिंपिक कई मायनों में खास है।

इसके मेडल्स रीसाइकिल्ड कंज्यूमर डिवाइसेज से बनाए गए हैं जबकि इसका टॉर्च एल्यूमिनियम वेस्ट से बना है। साथ ही ओलिंपिक के लिए पोडियम का निर्माण रीसाइकिल्ड हाउसहोल्ड और मैरीन वेस्ट से किया गया है। इसके अलावा ओलिंपिक के दौरान बिजली की सप्लाई पर्यावरण फ्रेंडली ड्राइव के तहत रिन्यूवेबल सोर्सेस से पैदा की जाएगी। टोक्यो का नया नेशनल स्टेडियम ओलिंपिक गेम्स के लिए तैयार हो गया है।

जापान में 56 साल बाद 2020 में ओलिंपिक गेम्स का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें लाखों लोगों के आने की उम्मीद है। यहां आने वाले पर्यटकों की मदद करने के लिए 6 फीट का एक रोबोट बनाया गया है। इसका नाम एरिसा है। एरिसा लोगों को रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की जानकारी देने के अलावा रास्ता बताने में भी मदद करेगा।

ओलिंपिक पर आतंकी हमले का खतरा, परिसरों के पास लगेंगे डिटेक्शन सिस्टम

जापान की पुलिस टोक्यो ओलिंपिक पर ड्रोन्स से होने वाले संदिग्ध आतंकी हमले को तकनीक की मदद से नाकाम करने की कोशिशों में जुटी है। इसके लिए खेल परिसरों के आसपास डिटेक्शन सिस्टम लगाए जा रहे हैं। हाल ही में जापान की नेशनल इंटेलिजेंस एजेंसी ने भी आतंकी हमलों को लेकर चेतावनी जारी की थी।

जापान के एक अखबार की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि पुलिस जो उपकरण लगा रही है वे ड्रोन्स से निकलने वाले सिग्नल को कैच करेंगे। इससे पता लगाया जा सकेगा कि वह कहां और कितनी ऊंचाई पर उड़ रहा है। पुलिस इन्हें पकड़ने के लिए भी खास तकनीक का इस्तेमाल करेगी। इनमें अपने ड्रोन्स से जाल फेंककर आतंकी ड्रोन्स को जाम करना शामिल है।

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