कोरोना संकट के बीच पीएम मोदी ने किसानों को मंडी टैक्स के दायरे से मुक्त कर दिया तोहफ़ा

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

कोरोना काल में देश के किसानों को केंद्र सरकार ने बड़ी सौगात भेंट की है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत एक लाख करोड़ रुपये की वित्तपोषण सुविधा को लॉन्च किया है।

पीएम मोदी ने रविवार को कृषि अवसंरचना कोष के तहत ये कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने एक लाख करोड़ रुपए का कृषि अवसंरचना कोष बनाने को मंजूरी दी थी।

अब किसान के पास अनेक विकल्प हैं।

यह कोष कृषि-उद्यमियों, स्टार्टअप्स, कृषि क्षेत्र की प्रौद्योगिकी कंपनियों और कटाई बाद फसल प्रबंधन में किसान समूहों की मदद के लिए बनाया गया है। यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए 20 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज का हिस्सा है।

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, “एक देश, एक मंडी के जिस मिशन को लेकर बीते 7 साल से काम चल रहा था, वो अब पूरा हो रहा है। पहले ई-नम के जरिए, टेक्नॉलॉजी आधारित एक बड़ी व्यवस्था बनाई गई। अब कानून बनाकर किसान को मंडी के दायरे से और मंडी टैक्स के दायरे से मुक्त कर दिया गया है। अब किसान के पास अनेक विकल्प हैं।”

इस योजना का जो लक्ष्य था, वो हासिल हो रहा है

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए भगवान बलराम जयंती की शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री ने पीएम-किसान योजना के तहत 8.55 करोड़ किसानों को 17,100 करोड़ रुपये की छठी किस्त जारी की।

छठी किस्त जारी करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “साढ़े 8 करोड़ किसान परिवारों के खाते में, पीएम किसान सम्मान निधि के रूप में 17 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर करते हुए भी मुझे बहुत संतोष हो रहा है। संतोष इस बात का है कि इस योजना का जो लक्ष्य था, वो हासिल हो रहा है।”

मोदी ने आगे कहा कि बीते डेढ़ साल में इस योजना के माध्यम से 75 हजार करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खाते में जमा हो चुके हैं। इसमें से 22 हजार करोड़ रुपये तो कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान किसानों तक पहुंचाए गए हैं।

इस योजना से किसानों को 1 लाख की मदद मिलेगी

योजना के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री ने कहा, इस योजना से गांव में किसानों के समूहों को, किसान समितियों को, एफपीओ को वेयरहाउस बनाने के लिए, कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए, फूड प्रोसेसिंग से जुड़े उद्योग लगाने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की मदद मिलेगी।

यह राशि सीधे किसानों के खातों में डाल जाती है। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए इस नए कोष का शुभारंभ किया। इस मौके पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

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